पीयू का गडबड़झाला 7: अचंभा, एक प्रोफेसर जिसने 15 दिन में शोध पत्र जमा करके हासिल कर लिया पीएचडी अवार्ड
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कैलाश सिंह/संतोष कुमार सिंह
विशेष संवाददाता/चीफ रिपोर्टर
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-पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इस कथित करिश्माई प्रोफेसर ने युनिवर्सिटी का नाम दशकों पूर्व रख दिया 'सऊदी अरब' और खुद बन बैठा पुरोहित गैंग-2 का अन्तरराष्ट्रीय अध्यक्ष, इसी ने हिस्ट्री के पीएचडी धारक को बनवा दिया संचार का विभागाध्यक्ष और प्रोफेसरl
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लखनऊ/वाराणसी/ जौनपुर, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l किसी भी 'वृक्ष की जड़ में जब दीमक' लग जाते हैं तो वह हराभरा पेड़ आहिस्ता- आहिस्ता, तिल- तिल करके मरता हैl यही हाल इमारती लकड़ी का भी होता है जिससे भवन का नक्शा बिगड़ जाता हैl इसी तरह तीन दशक पूर्व उत्तर प्रदेश के जौनपुर में स्थापित पूर्वांचल विश्वविद्यालय में लगे इंसानी दीमक' इमारतों, पुस्तकों व शैक्षणिक गतिविधियों में लगे है जो उसे धीरे- धीरे खोखला कर चुके हैंl जब यहां 15 दिन में पीएचडी अवार्ड पाने वाले बग़ैर(योग्यता) अहर्ता के एसो. प्रोफेसर, रीडर, डीन, विभागों के अध्यक्ष के अलावा हर कमाई वाली पोस्ट पर उल्लू बनकर बैठेंगे तो वह ऐसे बड़े शिक्षण संस्थान को 'सऊदी अरब' जैसा नाम ही तो देंगेl यहां तीन साल हुए दीक्षांत समारोह में डेढ़ हजार से अधिक छात्रों को पीएचडी अवार्ड करने का रिकार्ड कायम हो चुका हैl जाहिर है उसकी गुणवत्ता पर सवालिया निशान तो लगेंगे हीl यही हाल गोल्ड मेडल का भी हैl
विदित हो कि बीते महीने यानी छह अक्टूबर को दीक्षांत समारोह में बतौर कुलाधिपति प्रदेश की महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन ने ट्रांजिट हास्टल में गंदगी की भरमार, दारू की खाली पड़ी बोतलों पर कड़ी फटकार लगाई थीl इसके 43 दिन बाद एमबीए एग्री की छात्रा इश्विका सिंह ने राजिस्ट्रार को दिये ज्ञापन में गर्ल्स के लिए कामन रूम, साफ़ शौचालय, लाइब्रेरी में सेलेबस की पुस्तकों की जरूरत, समेत तमाम मांग रखी, उसने यही बात मीडिया में लाइव बोल दिया जो वायरल हो गईl इसके बाद विश्वकर्मा छात्रावास में व्याप्त गंदगी और कीड़ायुक्त अधपके भोजन की शिकायत लेकर अंत:वासियों ने धरना- प्रदर्शन किया, पुस्तकालय की जांच हुई तो शिकायत सच निकली पर हुआ कुछ नहीं, छात्रावास में तो तुरन्त ऐक्शन हुआ जिसमें वार्डन हटा दिये गएl इसी तरह 'स्ववित्त पोषक शिक्षकों' ने 26 नवम्बर को शोध निर्देशन अधिकार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जिसमें पीयू प्रशासन ने लीपापोती वाला आश्वासन देकर उन्हें शांत करायाl सवाल ये है कि जब यहां प्रोजेक्ट पर काम करने आये जुगाड़ू को हिस्ट्री से पीएचडी कराकर सीधे एसो. प्रोफेसर और संचार का अध्यक्ष बनाया जा सकता है और 15 दिन में पीएचडी अवार्ड पाने वाला बग़ैर अहर्ता के प्रोफेसर, डीन, अध्यक्ष, पुस्तकालय का मालिक बनकर लूट मचा सकता है तो 'स्ववित्त पोषित शिक्षकों' को शोध निर्देशन क्यों नहीं मिलना चाहिए? जबकि वह तो मानक और अहर्ता से नौकरी कर रहे हैंl
यहां एक है समोसा गुरु तो कई को है शोध छत्राओं से करीबी लगाव: इस विवि में 'समथिंग इज रांग' स्थापना काल के एक दशक बाद शुरू हो गया, जिसने महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ से 15 दिन में पीएचडी अवार्ड हासिल किया उसकी रासलीला भी 'चर्चा ए आम' हैl उसकी एक कहानी जानिए- उसने एक शोध छात्रा की शादी कराई और तलाक़ का भी जरिया वही बनाl आखिरकार उस छात्रा ने आत्महत्या की भी कोशिश की, वह उस दौरान बच तो गई लेकिन उसका जीवन चौपट हो गयाl इसी तरह एक कथित शिक्षक शोध छात्रों से घर की सब्जी मंगाना, भोजन बनवाना, गेस्ट के लिए समोसा- चाय भी उन्हीं छात्रों से उनके ही पैसे से मंगवाने को लेकर खासा चर्चित हो चुका हैl उसका नाम 'समोसा गुरु' छात्रों ने ही मशहूर कर दिया हैl
बोगस पीएचडी पर 15 दिन में अवार्ड: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में 1995 में शोध के लिए रजिस्टर्ड छात्र ने 1996 में अपना रजिस्ट्रेशन महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ में ट्रांसफर करा लियाl इसके ठीक 15 दिन में उसे पीएचडी अवार्ड हो गईl इसकी असलियत जानने के इच्छुक लोगों ने 'आर टी आई' का भी सहारा लिया लेकिन उन्हें इसका जवाब नहीं मिलाl अब सवाल यह है कि 15 दिन में कोई अकादमिक शोध कार्य जादू के सिवा कैसे हो सकता है? वैसे भी शोध पूर्ण करने को मिनिमम 18 महीने का समय निर्धारित हैl एक से दूसरे विवि में रजिस्ट्रेशन भी कैसे ट्रांसफर हुआ, इसमें नियमावली का कितना पालन हुआl यही करिश्माई शोधकर्ता दो दशक से पूर्वांचल विवि में एक सब्जेक्ट का प्रोफेसर है, लेकिन हेड, डीन के अलावा कई अन्य अकादमिक, प्रशासनिक पदों पर रहकर दीमक की तरह धीरे धीरे विवि के आर्थिक तंत्र को चाट रहा हैl 'पुरोहित गैंग- 2' ऐसे ही दीमकों का गिरोह हैl यहां से लूट की कमाई से इसने नेपाल की सीमा पर कई एकड़ में रिजार्ट भी खोल लिया हैl इस विवि में इसके आगमन और क्रिया- कलाप से जुड़ी पड़ताल की रिपोर्ट अगली कड़ियों में भी मिलेगीl,,,,, क्रमशः
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