नशे का धंधा: कोडीन कफ़ सिरप तस्करी के संचालन का रिमोट कंट्रोल केंद्र दुबई का होटल था!
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कैलाश सिंह-
विशेष संवाददाता
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-अब कोडीन कफ़ सिरप की अवैध बिक्री मामले की पड़ताल के लिए जांच एजेंसियों को जाना पड़ सकता है दुबई! सूत्रों के मुताबिक यहां अपने ही कथित बेसकीमती होटल से संचालन करता रहा शुभम जायसवाल!
-प्रदेश की राजधानी लखनऊ में डीजीपी और सीएम सलाहकार अफसरों की आज हुई बैठक में नशीले कफ़ सिरप तस्करों पर शिकंजा कसने की रणनीति बनी, पूर्वांचल के आरोपियों पर भी बढ़ी निगरानीl
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दिल्ली/लखनऊ/वाराणसी/जौनपुर, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l कोडीन कफ़ सिरप की बल्क में तमाम फर्मों के जरिए अवैध खरीद- फरोख्त और तस्करी को लेकर लगभग एक महीने से मचे हड़कम्प का आलम ये है कि पूर्वांचल के वाराणसी से दिल्ली तक गूंज शुरू हो गईl एसटीएफ से लेकर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) जैसी जांच एजेंसियों की बढ़ी सक्रियता से यह संकेत तो मिल गया है कि मामला करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग का भी हैl इससे पहले गृह मंत्रालय की तरफ़ से यह भी आदेश जारी हो चुका है कि अब बग़ैर डॉक्टर के पर्चे के कोई भी कफ़ सिरप नहीं बिकेगाl एक तरफ़ प्रदेश का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राजधानी लखनऊ में जांच से मिले तस्करी के सुबूत के मद्देनज़र प्रदेश भर में जांच अभियान छेड़ दिया तो दूसरी तरफ़ सिंडिकेट का आरोपी सरगना शुभम जायसवाल देस छोड़कर भाग निकलाl चर्चाओं और सूत्रों के मुताबिक उसके दुबई में छिपे होने की संभावना प्रबल हैl सूत्र के हवाले से यह भी चर्चा है कि उसका वहां खुद का बेसकीमती होटल बताया जाता हैl इस साल के शुरुआत से वह कोडीन कफ़ सिरप के धंधे का संचालन वहीं से करने लगा थाl इस विंदु पर भी एजेंसियों की नज़र हैl
कोयले की चिंगारी से जलने लगा कोडीन कफ़ सिरप का 'सिंडिकेट': दरअसल माफिया मुख्तार अंसारी की मौत के बाद कोयले के धन्धे को लेकर कई सफेदपोश माफिया के बीच 'आंतरिक वर्चस्व की लड़ाई से उठी चिंगारी' ने राजनीतिक रास्ता पकड़ लियाl इसकी बानगी जौनपुर के रामपुर ब्लाक क्षेत्र में भी मिलीl यहां कोडीन कफ़ सिरप मामले में गिरफ्तार अमित सिंह टाटा 'त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव' की संभावना के मद्देनज़र खुद ब्लाक प्रमुख बनने के चक्कर में हर क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) को अपने समर्थन के लिए 'तीस लाख और एक बुलेट बाइक' का रेट लगा दिया थाl लोगों की जुबानी चर्चा में इस रेट के खुलासे के बाद नये- पुराने कथित माननीयों के नाम भी चुनावी समीकरण में उछलने लगेl ब्लाक प्रमुखी व जिला पंचायत सदस्यों, अध्यक्ष पदों को लेकर चर्चा सरगर्म होने लगीl इसी बीच कोयले के धंधे में लगे माफिया ने एक चिंगारी कोडीन कफ़ सिरप सिंडिकेट की ओर उछाल दी थी जो अब दहकने लगी हैl
कोडीन कफ़ सिरप सिंडिकेट के प्यादों का ये हाल: आयुर्वेदिक नजरिये से कहावत है कि 'कुत्ते को घी हजम नहीं होता हैl' ठीक यही हाल कथित कफ़ सिरप माफिया शुभम जायसवाल के गुर्गों के साथ हुआl उसके तमाम गुर्गों की बदली लाइफ स्टाइल, गाड़ियों के बढ़े काफिले और खुद से बड़े गुर्गों, कथित दवा माफिया आदि को गिफ्ट में देने को कीमती वाहनों की खरीद- फरोख्त में हुए लेन -देन ने उनकी पोल खोल दीl ईडी समेत अन्य एजेंसियों की गोपनीय जांच भी इन्हीं विंदुओं पर चलती रहने की खबर हैl सूत्र तो यह भी बताते हैं कि कफ़ सिरप तस्करों और सरगना शुभम ने जिन महंगी गाड़ियों को खरीदकर दवा माफिया व अपने आकाओं को गिफ्ट में दिया है उसके लेनदेन के 'बही व बैंक खातों' के साथ वाहन एजेंसियों के खातों की भी पड़ताल हो रही हैl इस जांच में रकम कई लोगों के खातों से गुजरने के दस्तावेज भी मिल रहे हैं जो पड़ताल के दायरे में आ चुके हैंl गाड़ियों को एजेंसियों से रिसीव करने वालों की तस्वीरों से उनकी सोशल मीडिया में छाई 'रीलों' से भी मिलान किया जा रहा हैl
एक दवा एजेंसी पर पिछले माह आया था शुभम जायसवाल: जौनपुर के जहांगीराबाद मोहल्ले- बाज़ार में पिछले महीने अक्टूबर- नवम्बर में शुभम जायसवाल आया थाl वह उस एजेंसी पर काफी देर तक बैठा था जिसके खिलाफ औषधि निरीक्षक ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई हैl यह आरोपी भी दो फारच्युनर कार खरीदा था, जिसमें से एक अपने पास रखा और दूसरी को अपने रिंग मास्टर को गिफ्ट किया थाl यह रिंग मास्टर दवा संगठन में जिला व प्रदेश इकाई में एक साथ पदाधिकारी हैl जबकि शुभम ने करोड़ों की गाड़ी अपने राजनीतिक संरक्षण देने वाले आका के लिए खरीदी थी जिसकी पड़ताल जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही हैl,,,,, क्रमशः



