यूपी का अनूठा महायज्ञ: 75 जोड़े एक- दूजे के हुए, बाराती समूचा जौनपुर बना
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कैलाश सिंह/रुद्र प्रताप सिंह
विशेष संवाददाता/ब्यूरो चीफ
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-आशा की ज्योति जेब्रा: तीन दशक से जारी है दहेज रहित 'सर्वधर्म नवम् सामूहिक विवाह' रूपी महायज्ञ, आज 150 परिवारों से बना 75 नव दम्पति परिवारl
-संजय कुमार सेठ ने चार सितम्बर वर्ष 1994 में 'जेब्रा फाउंडेशन ट्रस्ट' की नींव रखी, वर्ष 1997 से हर तीन वर्ष में नौवीं बार आज सर्वधर्म सामूहिक विवाह का आयोजन करके दहेज से संघर्ष का इतिहास रच दिया हैl
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लखनऊ/जौनपुर,(तहलका न्यूज नेटवर्क)l सात दिसम्बर की तारीख जनपद के लिए इस साल फ़िर महत्वपूर्ण हो गईl इस दिन 'सर्वधर्म सामूहिक विवाह' के बंधन में 150 परिवारों के 75 जोड़े नव दम्पति के रूप में आबद्ध हुएl इनमें लगभग आधा दर्जन वह युवक- युवती भी 'युगल' बने जिनके अभिभावक वर्षों पूर्व इसी महायज्ञ में फेरे ले चुके हैंl चार सितम्बर वर्ष 1994 में सामाजिक व रचनात्मक संस्था 'जेब्रा फाउंडेशन ट्रस्ट' की नींव समाजसेवी संजय कुमार सेठ ने रखी थीl तभी से यह संस्था गरीबों, मजलूमों की सेवा में लगी हैl इस संस्था ने कोरोना काल में जनसेवा का इतिहास रच दियाl यह संस्था वर्ष 1997 से हर तीन साल में (आज के समारोह को छोड़कर) अब तक आठ बार दहेज से संघर्ष के लिए सर्वधर्म 'सामूहिक विवाह' रूपी महायज्ञ संपन्न करा चुकी हैl
रविवार को जौनपुर का जिला मुख्यालय इस समारोह का नौवीं बार गवाह बनाl 75 दूल्हे जब बैंड बाजे के साथ गोमती नदी पार से रथों पर सवार होकर शाही पुल से गुजरे तो यह अद्भुत दृश्य देखने वालों की भीड़ सड़क के दोनों तरफ से आशीर्वाद देती नज़र आईl मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज के मैदान में 75 दुल्हनों की तरफ़ से उनके परिवारों के अलावा समूचे जनपद का 'हर आम और खास' हजारों की संख्या में घराती बना नज़र आयाl द्वारचार और जयमाल वैदिक रीति से शंख ध्वनि व मंत्रोच्चारण के साथ हुआl इस दौरान मंच पर 75 जोड़े 'दूल्हा- दुल्हन' के अलावा एक दर्जन देवी - देवताओं के प्रतिरूप कलाकार भी महादेव- पार्वती, श्रीकृष्ण- रुकमिनी, राम- सीता के रूप में मौजूद रहेl कार्यक्रम का संचालन दीपक सिंह एवं हर्षित ने इतना शानदार किया जिसकी गूंज से पूरा शहर गुंजायमान हो उठाl उन्होंने बताया की इस पृथ्वी पर पहला सामूहिक विवाह पुरुषोत्तम भगवान राम- मां सीता समेत उनके भाई, बहनों का हुआl जबकि पहला प्रेम विवाह देवों के देव महादेव- माँ पार्वती का हुआ थाl शहर के हर इलाके में लगे लाउड स्पीकर से घरातियों, बारातियों व अतिथियों के आगमन की सूचना भी इन्हीं संचालकों द्वारा मिलती रहीl
इस बार यह कार्यक्रम मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज मैदान सुक्खीपुर में दिन में 11 बजे शुरू हुआ और देर शाम तक चलाl जिले में विभिन्न व्यवसायों से जुड़े लोगों व समाजसेवियों के सहयोग से 'वर और कन्या' के लिए जेवर, गृहस्थी के सामानों सहित तमाम तोहफे के इंतजाम थेl समारोह में आये हजारों बारातियों और आगन्तुकों के खानपान की शानदार व्यवस्था थीl यह समारोह सरकारी योजनाओं से बिल्कुल अलग रहाl यहां दिखावा की बजाय आमजन का प्रत्यक्ष सहयोग अद्भुत नजारा पेश करता दिखाl
तीन दशक यानी 31वर्ष से संचालित यह संस्था प्राकृतिक आपदाओं में पीड़ितों की सहायता के लिए हमेशा अग्रणी भूमिका निभाती रही हैl क्षय व कैंसर पीड़ितों के सहायतार्थ हमेशा सक्रिय रहती हैl सर्दी के मौसम में गरीबों के लिए कम्बल व ऊनी कपड़ों का इंतजाम हो या तल्ख मौसम में लू पीड़ितों के इलाज में भी संस्था के सदस्य जुट जाते हैंl यदि इस संस्था को सरकारी इमदाद मिलती तो ऐसे सामाजिक आयोजनों के लिए इसे 'भारत की नम्बर वन' संस्था के रूप में गिना जाताl फ़िर भी उत्तर प्रदेश में ऐसे कार्यों के चलते 'जेब्रा' का नाम पहले स्थान पर लिया जाता हैl संजय कुमार सेठ को इसी महायज्ञ रूपी तपस्या ने उन्हें आमजन की नज़र में 'ऋषि- मुनि' का दर्जा दे दिया हैl

