नशे का धंधा: जब 'दवा' दारू का रूप लेती है तब 'कारोबार' तस्करी में हो जाता है तब्दील!
कैलाश सिंह-
विशेष संवाददाता
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-कोडीन कफ सिरप चर्चा में ही न आता यदि मध्य प्रदेश में नवजात समेत दर्जनों बच्चों की जान न जातीl यह धंधा एक दशक पूर्व से नशे में तब्दील हो चुका था, तभी तो पूर्वांचल के फटीचर भी दवा माफिया बनकर लग्जरी कारों से चलने लगेl
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लखनऊ/वाराणसी/जौनपुर, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l पिछले हफ़्ते से आयुक्त उत्तर प्रदेश शासन के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर जब दवा की दुकानों और एजेंसियों पर विभागीय छापे पड़ने लगे तब आमजन को समझ आया कि 'दवा- कोडीन कफ सिरप' दारू में तब्दील हो चुका हैl एक तरफ़ जहां औषधि प्रशासन की छापेमारी से दवा व्यवसाइयों में अफ़रतफरी मची है वहीं 'फटीचर से करोड़पति' बने कथित दवा कारोबारी भूमिगत होने लगे हैंl वह अपने 'राजनीतिक आकाओं' के जरिए बचाव के रास्ते खोजने लगे हैंl
विदित हो कि 'कोडीन कफ सिरप' सरीखे आयोडेक्स आदि भी दशकों से नशेड़ियों की पसन्द रहा हैl ऐसी दवाओं की बढ़ती मांग होते ही 'दवा माफिया' ताड़ लेते हैं कि यह धंधा चोखा हो गया है, लिहाजा वे सप्लाई बढ़ाकर अन्य दवाओं की आपूर्ति कम कर देते हैं, कोडीन कफ सिरप को लेकर ऐसा ही हुआ हैl तमाम फटीचर इस तस्करी में शामिल होकर कुछ तो ड्रग एसोसिएशन का हिस्सा बन गए और उनकी लाइफ स्टाइल भी लग्जरी हो गईl उन्होंने अपने जैसे तमाम लफ़ंगों को जोड़कर एक गिरोह तैयार कर लियाl सभी धंधे पर लगे तो उनके पहनावे सैकड़ों से उठकर लाखों कीमत में पहुँच गएl इनमें वह लोग भी हैं जिनके खिलाफ जौनपुर, वाराणसी, लखनऊ समेत सभी जिलों की पुलिस एफआईआर दर्ज कर रही हैl
वाराणसी के शुभम जयसवाल के साथ जौनपुर के दो नाम सुर्खियों में आये: यहां सुर्खियों में दो नाम तेजी से उभरे हैं, जिनमें एक तो दिवंगत माफिया मुन्ना बजरंगी का गुर्गा है जो अब एक माननीय का करीबी बताया जा रहा हैl उसकी गिरफ्तारी के लिए आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी को लिखे पत्र में मांग की हैl दूसरा वह है जो पूर्वांचल नाम से ड्रग एजेंसियां बनाकर कुछ वर्षों में 'खाक से करोड़पति' बन गया हैl कहावत है कि- इश्क और मुश्क छिपाये नहीं छिपती है, उसी तरह रुपये की गर्मी उबाल मारते ही जगजाहिर हो जाती हैl इस धंधे में जिले के तमाम फटीचर और कुछ फर्जी पत्रकार भी वर्षों से लगे हैंl उनकी दिशा तो बर्बाद हो गई लेकिन आर्थिक समृद्धि आसमान का सफ़र करने लगीl
पूर्वांचल से कोडीन कफ सिरप की सप्लाई बांग्लादेश तक: नशे में दवा 'कोडीन कफ सिरप' के तब्दील होते ही पूर्वांचल के ड्रग तस्करों ने देश के पूर्वोत्तर में यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़, असम,उड़ीसा, पश्चिम बंगाल आदि होते हुए इसकी आपूर्ति बांग्लादेश और पाकिस्तान तथा आसपास के देशों तक पहुंचा दीl इसका सेवन जब से घुसपैठिये करने लगे तब से यह ब्लैक मार्केट का मोहरा बन गयाl हालांकि इसकी खपत प्रदेश के पूर्वांचल में भी कम नहीं हैl जौनपुर वाराणसी समेत अधिकतर जिलों में आज भी नशेड़ियों को उनके सेट मेडिकल स्टोर से ये कफ सिरप बिंदास मिल रहा हैl
निजी अस्पतालों में खुद की एमआरपी व बाजार के मेडिकल स्टोरों पर शासन की पकड़ हुई ढीली: जब से प्रदेश के सभी जिलों में फैलते नर्सिंगहोम में निजी एमआरपी वाली दवाएं बाज़ार मूल्य से सौगुना दामों पर बिकने लगीं तब से मेडिकल स्टोरों पर बग़ैर डॉक्टर के पर्चे वाली दवाएं भी धड़ल्ले से बिकने लगींl इनमें नकली दवाओं के साथ नशे वाली दवाओं की भी खपत बढ़ गईl मरीज दलालों का खिलौना बन गए और नशेड़ियों की बढ़ती संख्या से तस्करों का धंधा चोखा हो गयाl यह सब औषधि प्रशासन की जानकारी में होता आ रहा है, इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता हैl,,,, क्रमशः


