लक्ष्मी सदैव नारायण की होती हैं, इसलिए लक्ष्मी पुत्र बनिए, दोनों का आशीर्वाद मिलेगा: शांतनु महाराज
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-जौनपुर के सुइथा कला गांव में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा यात्रा का भक्तिमय विश्रामl
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केदार नाथ सिंह
सलाहकार संपादक
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जौनपुर, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l श्रीमद् भागवत कथा वाचन में कथा व्यास आचार्य शांतनु महाराज कहते हैं कि 'लक्ष्मी सदैव नारायण की हैंl जिस भक्त को उनका आशीर्वाद प्राप्त करना हो उसे 'लक्ष्मी पुत्र' होने की कामना करनी चाहिएl इससे नारायण और लक्ष्मी दोनों का आशीर्वाद मिलता हैl जो लोग 'लक्ष्मी पति' होने का दुस्साहस करते हैं उनकी गति शिशुपाल जैसी होती हैl उन्होंने कहा कि रुकमिणी और नारायण श्रीकृष्ण का मिलन जीव और परमात्मा का मिलन हैl
कथा व्यास आचार्य शांतनु महाराज ने समापन अवसर पर नारायण और रुकमिणी के विवाह का वर्णन कियाl इसके बाद उन्होंने श्रीकृष्ण की लीलाओं का बखान कियाl गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कायर हो रहे अर्जुन को ताकतवर बनाया था लेकिन आज के समय में कायरों की संख्या बहुतायत हो चली हैl धर्म की रक्षा कायरता से संभव नहीं हैl उन्होंने रामायण के प्रसँग से हनुमान का जिक्र किया, जिसमें हनुमान जी ने कहा- जिन मोहिं मारा, तिन मै माराl उन्होंने श्रीराम और केवट का भावुक संवाद भी सुनायाl इसके बाद श्रीकृष्ण से रुकमिणी, जामवंती, सत्यभामा, कालिंदी, मित्रविंदा,भद्रा, सत्या देवी,लक्ष्मणा यानी आठ पटरानियों से विवाह का वर्णन किया l बताया कि भगवान का कुल 16 हजार 108 राणियां हुईं l
शांतनु महाराज की सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा जिले के ग्राम व पोस्ट सुइथा कला शाहगंज में एक अप्रैल से शुरू हुई, समापन 7 अप्रैल 2026 दिन मंगलवार की शाम को हुआl इसके मुख्य यजमान श्रीमती चंद्रावती पत्नी यमुना प्रसाद सिंह रहेl आयोजन इनके तीन सुपुत्र रमेश सिंह, डॉ उमेश सिंह, डॉ दिनेश सिंह ने कियाl रोज शाम 4 बजे से 7 बजे तक होने वाली श्रीमद् भागवत कथा श्रवण के लिए गांव व क्षेत्र के अलावा प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से सैकड़ों भक्तजनों के आगमन से समूचा इलाका हफ़्तेभर भक्ति रस में डूबा रहाl

