यूपी मॉडल का पश्चिम बंगाल में रिपीट टेलीकास्ट, देशभर में खलबली!
---------------------------------------
कैलाश सिंह-
पोलिटिकल एडिटर
---------------------------------------
-यूपी और पश्चिम बंगाल में सड़क पर नमाज को लेकर लगी रोक से देशभर में सियासत हुई सरगर्म, छिड़ी बहसl योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट संदेश- सड़क चलने के लिए है, इसपर नमाज नहीं हो सकतीl मार्गों पर पांच वर्गों खासकर 'श्रमिक, मरीज, व्यापारी, कर्मचारी और आम नागरिक' का पहला अधिकार, अब चौराहों पर तमाशा बर्दास्त नहींl
---------------------------------------
लखनऊ/कोलकाता, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब पश्चिम बंगाल में स्टेज पर शुभेंदु अधिकारी को केसरिया गमछा पहनाया तभी इस प्रांत के लोगों को संकेत मिल गया कि यहां भी योगी मॉडल लागू होना तय हैl क्योंकि उस गमछे के जरिए योगी ने उन्हें जागृत हो चुकी सनातन संस्कृति और हिंदुत्व की चेतना का मूल मन्त्र दे दियाl इससे पूर्व 'ब्राह्मण' शुभेंदु ने 'क्षत्रिय' योगी आदित्यनाथ को साष्टांग प्रणाम करने के बाद लोगों के मन की आशंका को दूर करते हुए बताया था कि 'योगी 'नाथ संप्रदाय' के संत यानी मठाधीश्वर' हैंl इस वाक्य में बहुत सारी बातें जो बाद में चर्चा का विषय बनतीं वह गौड़ हो गईंl जब शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तभी उन्होंने भाजपा की 'विकासवादी व राष्ट्रवादी नीति के साथ योगी मॉडल के तहत सख्त फैसले लेने शुरू कर दियेl उनके कड़े फैसले क्रिकेट के 20-20 मैच वाले साबित हो रहे हैं जबकि वह टेस्ट मैच में ओपनिंग बैट्समैन हैं लेकिन पहली बाल से ही चौके- छक्के मारने शुरू कर दियेl इसी का नतीजा है दोनों राज्यों यूपी- बंगाल में सड़क पर नमाज को लेकर लगी रोकl
राजनीतिक विश्लेषक 'एस पांडेय' कहते हैं कि योगी आदित्यनाथ ने 2017 में सीएम बनने के बाद कड़े फैसले आहिस्ते- आहिस्ते लेने शुरू किए थे लेकिन शुभेंदु अधिकारी ने शुरुआत ही कानून की सख्ती से कर दीl इसी कारण पश्चिम बंगाल में सड़क पर नमाज को लेकर लगी रोक से मुस्लिम समाज 'जल बिन मछली' सरीखे उबल पड़ा जो बवाल के रूप में प्रदर्शित हो रहा हैl हालांकि यहां जमे और एसआईआर के बाद भी बचे बांग्लादेशी, रोहिंग्या घुसपैठिये भारतीय मुस्लिमों के भी हक पर डाका डाल रहे हैंl रहा सवाल सड़क पर नमाज न पढ़ने की तो पूजा, इबादत अथवा प्रार्थना के लिए एकांत जरूरी होता है, ताकि ईष्ट और भक्त के बीच होने वाले संवाद में कोई खलल न पड़ेl लेकिन देश की आजादी के दौरान धर्म के नाम पर जिन्ना ने पाकिस्तान ले लिया, बाकी भारत में धर्म निर्पेक्षता की छतरी लगाकर उभरते गए राजनीतिक दल सूडो सेकुलर का बाना पहनकर मुस्लिम तुष्टिकरण में लग गएl
पश्चिम बंगाल में प्रचण्ड मुस्लिम तुष्टिकरण के चलते ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी की हार भी प्रचण्ड तरीके से हुईl यहां का हिन्दू समुदाय 79 साल बाद भी खुद को गुलामी, अत्याचार से मुक्त नहीं पा रहा थाl जब उन्हें भाजपा और संघ के रूप में लड़ने और सुरक्षा देने वाला मिला तो 70 फीसदी हिन्दू अपना गुबार वोट के जरिए बाहर निकाल दिया जो आंधी बनकर ममता बनर्जी को उखाड़ फेंकाl यदि ममता बनर्जी की उस राष्ट्रद्रोही मंशा को सच माना जाए जो अफवाह बनकर इस प्रदेश की फिज़ाओं में तैर रही है तो यह भी सच है कि उनकी पार्टी में कैडर नहीं, 'गुंडे और कट मनी' के वसूलीमैन थे जो सत्ता जाते ही भूमिगत हो गएl
योगी आदित्यनाथ के सुर्खियों में आये बयान पर छिड़ी बहस महज जुबानी जंग: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजनीतिक शुरुआत से ही सनातन संस्कृति और हिंदुत्व की चेतना जागरण वाले ट्रैक पर चल रहे हैंl जब बांग्लादेश में तख्ता पलट हुआ और वहां हिंदुओं के नरसंहार हो रहे थे तभी उन्होंने ' बंटोगे तो कटोगे' वाला नारा दिया था जो भाजपा के लिए मूल मन्त्र साबित हुआl
यूपी में संवाद या संघर्ष का विकल्प, बंगाल में सड़क पर नमाज को सीधा मनाही: याद कीजिए, 2017 से पूर्व दशकों से यूपी में धर्म निरपेक्षता की आड़ में सड़कों पर नमाज की परंपरा ने आदत और अधिकार का रूप ले लिया थाl खासकर ईद- बकरीद व जुमे की नमाज के दौरान सम्बन्धित सड़कों पर कर्फ्यू सा नजारा होता था, लेकिन योगी के आते ही इसपर धीरे- धीरे रोक लगनी शुरू हुईl अब जाकर पूर्ण रोक लगाते हुए योगी ने साफ कर दिया कि मस्जिदों में स्थान कम पड़ रहे तो शिफ्ट में नमाज पढ़िये, जन संख्या पर खुद नियंत्रण करिएl ये हुआ संवाद का रास्ताl यदि नहीं माने तो दूसरे तरीकों में संघर्ष है जिसके लिए सरकार तैयार हैl जबकि बंगाल में नये मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सीधे रोक लगाते हुए संवाद का मौका नहीं दियाl कुर्बानी के नाम पर पशुओं को काटने के लिए नगर निकाय की अनुमति जरूरी करते हुए सभी बूचड़खाने बन्द करा दियेl बांग्लादेश, पाकिस्तान आदि देशों को होने वाली पशु तस्करी सीमा क्षेत्रों में बढ़ी सुरक्षा से रुक गईl घुसपैठियों के भागने का सिलसिला एसआईआर के बाद से कायम था, अब उसकी रफ्तार और बढ़ गई हैl
अब इन सवालों से मीडिया प्लेटफार्मों पर छिड़ी है बहस: यूपी और पश्चिम बंगाल में सड़कों पर नमाज के लिए लगी रोक कथित सेकुलर और हिन्दू- मुस्लिम के धर्माधिकारियों, राजनीतिक दलों के प्रवक्ताओं में तर्क- वितर्क इतना तल्ख होने लगा है कि उसकी गर्मी मौसम की तल्खी को भी मात देने लगी हैl कोई कांवरियों, नव दुर्गा पूजा की कसौटी पर नमाज को ला रहा है तो उसके जवाब में रूट डायवर्जन और पुलिस- प्रशासन से पूर्व अनुमति की बात कही जा रही हैl शोभा यात्रा और मोहर्रम के जुलूसों में होने वाले पथराव भी जुबानी जंग में शामिल किये जा रहे हैंl इन सबसे इतर योगी आदित्यनाथ और शुभेंदु अधिकारी कानून के हवाले से अडिग हैंl

