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मिशन यूपी-27: अखिलेश यादव को अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ेगा! Tahalka Samvad

Tahalka Samvaad

 


 मिशन यूपी-27: अखिलेश यादव को अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ेगा! 

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कैलाश सिंह-

राजनीतिक संपादक

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-मुस्लिम वोटर: 'मुख्यमन्त्री तुम्हारा और वोट हमारा', कब तक चलेगाl 'वाई' का दोगुना है 'एम' फैक्टरl 

-हिंदुत्व का मुद्दा: मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि आंदोलन में सपा सुप्रीमों आगे आये तो  'एम' हटेगा पीछेl

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लखनऊ, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l उत्तर प्रदेश में विधान सभा का चुनाव अगले साल होना है लेकिन चुनावी महाभारत पश्चिम बंगाल में हुए चुनाव के बाद ही शुरू हो गयाl सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव के हाथ अयोध्या के श्री राम मन्दिर में 'चढ़ावा चोरी' का मुद्दा लगा तो वह पीडीए को छोड़ सनातनी हिंदुत्व वाले ट्रैक पर उतर गएl इस पिच पर लगभग 10 साल से खेलते हुए गोरक्ष पीठाधीश्वर व सीएम योगी आदित्यनाथ देश के सबसे बड़े हिंदूवादी चेहरा बन चुके हैंl प्रदेश में विस सीटों के लिहाज से देखा जाए तो दो ही सबसे बड़े राजनीतिक दल भाजपा और सपा हैंl बाकी पार्टियां इनमें से जीतने वाले दलों की सहयोगी नज़र आती हैंl वोट प्रतिशत या आबादी के लिहाज से देखें तो समाजवादी पार्टी के दो कोर वोट बैंक 'यादव और मुस्लिम' हैंl इनमें मुस्लिम- यादव से दोगुना हैंl फ़िर भी उन्हें सपा सरकार में अगली कतार में जगह नहीं मिलतीl आज़म खान मुलायम सिंह यादव के रहते हमेशा शीर्ष पर रहे, लेकिन उनके जेल जाने के बाद से अखिलेश यादव ने पार्टी के जरिए ऐसा कुछ नहीं किया जिससे उन्हें और समर्थकों को किसी प्रकार की राहत मिलेl शायद इसीलिए अब मुस्लिम समुदाय में स्वर उभरने लगे हैं कि- 'वोट हमारा और मुख्यमन्त्री तुम्हारा' कब तक चलेगा? हालांकि यह स्वर  दूसरे शब्दों में बिहार में हुए विस चुनाव के दौरान से असदुद्दीन ओवैसी देते आ रहे हैं, जिसपर यूपी का बड़ा मुस्लिम तबका गहनता से विचार करने लगा हैl 


अखिलेश यादव के सामने दो यक्ष प्रश्न: सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव के सामने दो यक्ष प्रश्न यूपी विस चुनाव से पूर्व हल करने के लिए खड़े हैंl यदि वह हिंदुत्व की पिच पर खेलना चाहते हैं तो उन्हें श्रीकृष्ण जन्मभूमि आंदोलन का समर्थन करना ही पड़ेगा क्योंकि श्री राम मन्दिर 'चढ़ावा चोरी' का मुद्दा चुनाव से पूर्व ध्वस्त होना तय हैl मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले महीने इसके लिए श्री यादव से समर्थन मांगने के बहाने अपनी पिच पर खेलने का चैलेंज भी दे दियाl उनका जवाब अभी तक अखिलेश यादव नहीं दे सके हैं, जो यक्ष प्रश्न बनता जा रहा हैl 'चढ़ावा चोरी' मुद्दे को उठाते समय सपा सुप्रीमों पीडीए और मुस्लिम कार्ड को पीछे छोड़ दिए जो अब यक्ष प्रश्न बनकर खड़ा हो रहा हैl यदि वह मुस्लिम को साथ रखते हैं तो उन्हें हिंदुत्व को छोड़ना पड़ेगा! उधर असदुद्दीन ओवैसी बम्पर ऑफर लेकर खड़े हैं कि मुस्लिम कब तक दरी बिछाएगाl इसलिए इस समुदाय का वोट लेने वाली राजनीतिक पार्टियों को कम से कम 'डिप्टी सीएम' का पद भी देना होगाl इस तरह ये दो यक्ष प्रश्न अखिलेश यादव के लिए दोधारी तलवार सरीखे लपलपा रहे हैं जिसका जवाब उन्हें चुनाव से पूर्व देना ही पड़ेगाl


एमआईएम और बसपा की नज़र यूपी की 145 सीटों पर गड़ी: उत्तर प्रदेश में कुल 443 में से 145 विधान सभा सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लिम वोटर निर्णायक भूमिका में माने जाते हैंl बसपा सुप्रीमों सुश्री मायावती के पास जातिगत आधार पर सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव से अधिक कोर वोट बैंक 'जाटव' लगभग 12 फीसदी हैl उन्होंने यदि मुस्लिम प्रत्याशियों की संख्या बढ़ा तो वे सपा के लिए मुश्किल तो खड़े ही कर सकते हैंl रही- सही कसर असदुद्दीन ओवैसी पूरी करने के लिए ताल ठोके पड़े हैंl इस तरह समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को हिंदुत्व की पिच पर खेलने के लिए खुद को हिंदूवादी साबित करना होगाl यदि वह ऐसा करते हैं तो मुस्लिम असन्तुष्ट होंगेl यदि वह मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए फ़िर आगे आते हैं तो उन्हें हिंदुत्व की पिच पर वाकओवर देना होगाl

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