यूपी पुलिस: सीएम योगी के जीरो टॉलरेंस को पलीता लगा रहा प्रदेश का पुलिस महकमा!
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-बानगी जौनपुर की: सिपाही से पदोन्नत दारोगा को एक साल पूर्व बना दिया गया था कोतवाल, जब सिकरारा थाने का चार्ज मिला तो कुछ दिन में हो गया निलम्बित, अब सरपतहा थाने का बना है प्रभारी, शाम छह बजे तक फर्माता है आराम और इंतज़ार करते हैं शिकायतकर्ताl
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लखनऊ/जौनपुर, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l एक तरफ़ मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में अपराध नियंत्रण के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहे हैं लेकिन पुलिस महकमा ब्रिटिशकाल की नीतियों से अलग नहीं हो पा रहा हैl उस दौर में बीट आरक्षी से लेकर कारखास के मध्य हर थाने, चौकियों से जुड़े गांवों में एक 'पियादा' हुआ करता थाl अब घोषित पियादा के स्थान पर श्रेणी बद्ध दलाल होते हैं जो समाज के अभिजात्य वर्ग में शुमार रहते हुए 'कट मनी' लेते हैl पुलिस का कार्य शांतिभंग से शुरू होता है लेकिन आबादी की भूमि में भी झगड़ा हुआ तो आज की पुलिस उसे खूनी संघर्ष के रास्ते पर डालने से गुरेज नहीं करती हैl सरकार ने संविधान संशोधन के जरिये आईपीसी की धाराओं को बदलकर बीएनएस तो कर दिया लेकिन कार्य प्रणाली ब्रिटिश हुकूमत वाली ही रह गईl इस सीरीज के विभिन्न एपिसोड में पुलिस की उसी घिसीपिटी कार्य प्रणाली से हलकान आमजन का जिक्र मिलता रहेगाl
पहले एपिसोड में जौनपुर के सरपतहा थाने का दिलचस्प पहलू जानिए: इस थाने के प्रभारी शाम छह बजे तक आराम फरमाते हैं, यह जानकारी उनका सीयूजी नम्बर उठाने वाला कारखास देता हैl बताता है कि साहब के पास यह नम्बर शाम को ही जाता हैl इस दौरान तपती धूप हो या बारिश या ठण्ड, तमाम शिकायतकर्ता थाना परिसर में ही तपते हैंl यही वह वक्त होता है जब पियादा रूपी विभागीय दलाल पीड़ितों की जेब तराशता हैl जिसकी जेब में जितना वजनी माल होता है उसकी सुनाई उतने पहले और जल्दी होती हैl इसी भीड़ में ग्राम छीतम पट्टी के बुजुर्ग शिक्षक रुपनारायण सिंह, उनके कैंसर पीड़ित अधिवक्ता पुत्र बृज भूषण उर्फ गंगा सिंह, ज्योति भूषण सिंह आदि छह जून को बैठे रहेl थाना प्रभारी से साढ़े 6 बजे मुलाकात हुई तो बताया कि आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी हैl जबकि मारपीट के इस मामले में दो जून को दोनों पक्षों के खिलाफ शांतिभंग की धारा 151 में चालान होने के बावजूद एक पक्ष की तरफ से दूसरे पक्ष के खिलाफ दर्ज इस मुकदमे का मतलब शिक्षक को नहीं समझ आयाl थानेदार ने कहा, कप्तान का आदेश है क्रास मुकदमा नहीं लिखा जाएगाl हलकान शिक्षक जौनपुर में एसपी सिटी से मिले तो उन्होंने सीओ को जांच सौंप दीl पीड़ित पक्ष का विस्तृत विवरण और उनके खिलाफ एफआईआर की कॉपी, आवेदन में है जो इस खबर के साथ संलग्न हैl
अबरा ठाकुर- सलामय से खुश: सरपतहा के थानेदार की पैरोकारी एक ऐसे 'दागी और राजनीति में दग' चुके जिले के नेता हैं जो दूसरे के विकास कार्य को अपना बताने से नहीं चूकते हैंl शायद इन्हीं के लिए उपर्युक्त कहावत बनी है जो फिट बैठ रही हैl करिष्माई थानेदार यानी सिपाही से पदोन्नत दारोगा वर्ष 2024 से पूर्व गाजीपुर से तबादला लेकर आया तो उसे सीधे थाना और कोतवाली का प्रभारी बना दिया गया थाl अब से एक साल पूर्व तत्कालीन एसपी डॉ अजय पाल शर्मा, वही जिन्हें पशिम बंगाल में यूपी का सिंघम पुकारा गया, उन्होंने इस थाना प्रभारी को सिकरारा थाने से निलम्बित कर दिया थाl बाद में अपनी जुगाड़ से यह मछलीशहर का कोतवाल बन गयाl जनपद में सबसे पहले इसे खेतासराय थाने का चार्ज मिला थाl इसके बाद बख्शा, महराजगंज, गौरा बादशाहपुर, जलालपुर में रहे इस दारोगा के पास वर्तमान में सरपतहा थाने का चार्ज हैl जहां यह राजस्व के समान्य झगड़े को पुश्तैनी खूनी संघर्ष में तब्दील करने पर तुला हैl बाकी अगले एपिसोड में,,,,,, क्रमशः



