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यूपी पुलिस: दबंग बरी, पीड़ित जेल की हवा खा रहे! Tahalka Samvad

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 यूपी पुलिस: दबंग बरी, पीड़ित जेल की हवा खा रहे! 




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कैलाश सिंह/अशोक सिंह

विशेष संवाददाता/रिपोर्टर

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-सीएम के जीरो टॉलरेंस को पलीता लगा रही प्रदेश की नौकरशाही: इस एपिसोड में जौनपुर के सिकरारा थाने की बानगी तस्वीरों सहित मिलेगी, जो कमोबेश प्रदेश के हर जिले में चल रही पुलिसिंग ही नहीं, बल्कि सभी सरकारी महकमे में ली जा रही कथित 'कट मनी'(सुविधा शुल्क) को उजागर करने के लिए काफी हैl फ़िर भी जानिए- यदि  पैसों के पीछे पुलिस या अन्य अफ़सर न भागते तो कैसे एन्टी करप्शन की टीम गाहे- बगाहे उन्हें रंगे हाथ गिरफ़्तार करती हैl यह सुबूत तो सीएम और प्रदेश सरकार को नौकरशाही की पड़ताल व उनके खिलाफ़ कार्रवाई के लिए पर्याप्त हैl

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लखनऊ/जौनपुर, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी की हार कोई अचंभे वाली बात नहीं हैl क्योंकि उससे पूर्व कांग्रेस और सीपीएम को भी ऐसी ही पराजय मिली थीl वे दल आज तक नहीं उबर पाएl ममता बनर्जी के शासन काल ने तो 'राजनीतिक कट मनी' से मुगलकाल के टैक्स और ब्रिटिश शासन की वसूली को भी पीछे छोड़ दिया थाl आज उसी का नतीजा है कि सत्ता छिन जाने के बाद भी आमजन के 'गुस्से का गुबार' उनके भतीजे व अन्य टीएमसी नेताओं पर हमले के रूप में सामने आ रहा हैl यदि भाजपा ने भी वही राह अपनाई तो जनता उसे भी उखाड़ फेंकने में गुरेज नहीं करेगीl बात यूपी में चल रही कथित 'सरकारी कट मनी' (सुविधा शुल्क) की हो रही हैl यहां सीएम योगी आदित्यनाथ की ईमानदारी पर कोई शक नहीं है, लेकिन आमजन को थाने, चौकियों, ब्लॉक और तहसीलों से लेकर जनपद मुख्यालयों तक किस तरह 'भुगतान करके भी भुगतना' पड़ रहा है! उनकी उसी पीड़ा को इस सीरियल रिपोर्ट में उकेरने की कोशिश 'तहलका संवाद' की टीम द्वारा किया जा रहा हैl यह तो तय है कि प्रदेश में मुख्यमन्त्री द्वारा दी गई छूट का बेजा फायदा छोटे से लेकर बड़े नौकरशाह पूर्व की सरकारों के कार्यकाल की अपेक्षा अधिक कथित 'सरकारी कट मनी' वसूल रहे हैंl तब कथित नेता भी हिस्सेदार थे, अब सिपाही से लेकर अफ़सर तक अकेले डकार रहे हैं, और आमजन हलकान हैl




सोचिये, आज भी थानों और तहसीलों में जाने से आमजन क्यों डरता है? कारण घटना स्थल पर ही पैदा होता हैl क्योंकि वहां राजस्वकर्मी जाना ही नहीं चाहते हैंl फ़िर लाचार व्यक्ति पुलिस के डायल 112 पर काल करता हैl ये पहुंचते ही दोनों पक्ष को पहले समझाने के साथ उनकी जेब भी तराशते हैंl स्थिति नियंत्रण से बाहर देख वह एक पार्टी से कुछ मेहनताना लेकर दूसरे पक्ष को थाने या चौकी पर भेजते हैंl यहां उनके पहुंचते ही मोल-भाव 'पियादा' (ब्रिटिश काल का संदेश वाहक या चौकीदार, वर्तमान समय का प्राइवेट दलाल) के जरिए कारखास करता हैl इसके बाद दूसरा पक्ष भी बुलाया जाता हैl अब लेन-देन में जिसका पलड़ा भारी होता है वह बरी और कमजोर पक्ष के खिलाफ़ मुकदमा दर्ज कर जेल के लिए चालान कट जाता हैl यदि मामला एसडीएम के जनता दरबार में जाता है तब तो लोग वहां खड़े अंग्रेजों के जमाने वाले लाल टोपीधारी से डरकर अधिवक्ता को साथ लेकर ही जाते हैंl फ़िर यहां कथित 'कट मनी' यानी सुविधा शुल्क का अलग खेल शुरू हो जाता हैl जनता दरबार पूर्व मुख्यमन्त्री कल्याण सिंह ने तहसील व थाना दिवस के रूप में शुरू कराया थाl तब निस्तारण करने में अफसरों के पसीने छूटते थेl आज यह जनता दरबार कोरम पूरा करने के चक्कर में रंजिश को बढावा देकर खूनी संघर्ष का बड़ा खेल बन गया हैl


अब सिकरारा थाने की बानगी देखिये: यहां मीठेपार गांव निवासी पासी समाज के कैलाश सरोज पुत्र सुखई उनके पुत्र दीपक के अलावा भाई, भतीजे धर्मेंद्र व राहुल सरोज को गांव के ही जिन लोगों ने पीटकर घायल किया उनकी ही शिकायत पर सिकरारा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दीपक को जेल भेज दियाl दोनों पक्ष में झगड़े का कारण भी मनबढई वाला थाl हुआ ये कि दीपक के घर के बच्चे गांव में ही 'राधा- कृष्ण' की झांकी में भक्ति संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे थेl इस बीच कमल सरोज व उनके परिवार के लोग भोजपुरी गीत बजाने की मांग करके बवाल कर दियाl यही उलाहना लेकर दीपक व अन्य लोग कमल के घर पहुंचे तो कुछ सुनने की बजाय कमल, असमंजस, गजराज व अंकित सरोज ने उनपर हमला कर दियाl चोट दोनों पक्ष को लगी लेकिन घायल दीपक के पक्ष वाले अधिक हुए और दीपक को ही जेल भी हो गईl


सरपतहा थाने के सिपाही से दारोगा बने प्रभारी का कमाल: इसके आराम में खलल नहीं पड़ना चाहिए, क्योंकि मातहत सिपाही जो खेल फील्ड में कर सकते हैं, उसका वह कभी कैप्टन रह चुका हैl इसने छीतमपट्टी गांव के उन बुजुर्ग शिक्षक रुपनारायण सिंह और उनके कैंसर पीड़ित अधिवक्ता पुत्र बृज भूषण उर्फ गंगा सिंह, ज्योति भूषण सिंह के खिलाफ़ उस आबादी की जमीन पर कब्जा करने आये ज्ञान प्रकाश आदि की तरफ से एफआईआर लिखी जिस भूमि पर पहले से मुकदमा चल रहा हैl यह कारनामा है न कमाल का. बाकी अगले एपिसोड मेंl,,,,,,,,,,क्रमशः

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