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पीयू में गड़बड़झाला- 8: पूर्वांचल विवि के 'प्रो.नटवरलाल' की कुंडली भेजी गई थी राजभवन, अटकी है जांच! Tahalka Samvad

Tahalka Samvaad

 पीयू में गड़बड़झाला- 8: पूर्वांचल विवि के 'प्रो.नटवरलाल' की कुंडली भेजी गई थी राजभवन, अटकी है जांच! 


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कैलाश सिंह/संतोष कुमार सिंह

विशेष संवाददाता/ब्यूरो चीफ

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-दो दशक से पूर्वांचल विश्वविद्यालय में जमे एक कथित प्रोफेसर ने उच्च शिक्षा के सारे मानक तोड़कर रख दिये, इसके खिलाफ की गई शिकायतें भी जांच तक जाकर हो जाती हैं कुन्दl उसकी पीएचडी से लेकर नियुक्ति और प्रोन्नति व अन्य कार्यों की जिम्मेदारी सबकुछ अनगिनत सवालों से घिरा हैl

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लखनऊ/वाराणसी, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l जौनपुर के पूर्वांचल विश्वविद्यालय (पीयू) के एक विवादित प्रोफेसर जिसका परिवर्तित नाम 'प्रो. नटवरलाल'  हैl उसकी अचंभित करने वाली पीएचडी जो वाराणसी के महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ से अवार्ड हुई हैl वह भी निर्धारित समय सीमा से काफी पहलेl उसने अपनी पीएचडी के लिए पंजीकरण केंद्रीय विवि 'बीएचयू' से कराया था लेकिन उसका पंजीयन पीरियड राज्य विवि काशी विद्यापीठ में कैसे स्थानांतरित हुआ? यानी सवाल यहीं से खड़े होते हैंl


इसी तरह कथित प्रोफेसर 'नटवरलाल' की पीएचडी भी वर्ष 1996 की हैl वर्ष 1999- 2000 में उसकी नियुक्ति के समय 1993 की पीएचडी/नेट की अनिवार्यता न्यूनतम अहर्ता यानी योग्यता थीl फ़िर ऐसे अति विवादित व्यक्ति की अविधिक नियुक्ति पूर्वांचल विश्वविद्यालय के एक महत्वपूर्ण विभाग (संकाय) में सहायक प्रोफेसर/ 'प्राध्यापक' पद पर कैसे हुई? ये रहा दूसरा सवालl इसके बाद तीसरा सवाल एक साल के अंतराल पर फ़िर खड़ा हो गया जब उसे वर्ष 2000 में उसी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर (उपाचार्य) पद पर प्रोन्नति दे दी गई वह भी अविधिक रूप से कैसे? यदि नियुकि को सही मान भी लिया जाए तो उसने न्यूनतम अहर्ता 1993 के पूर्व की पीएचडी/नेट के कैसे पूरी हुई? 


इस प्रकरण की जांच के लिए भ्रष्टाचार व अन्याय मुक्ति मोर्चा की तरफ़ से विगत 27 फरवरी 2023 को राज भवन उत्तर प्रदेश की राज्यपाल व पूर्वांचल विवि की कुलाधिपति आनंदी बेन को भेजे गए शिकायती पत्र में सभी दस्तावेज भी संलग्न थेl उसमें तत्कालीन समय की वह पेपर कटिंग भी शामिल की गई जिसमें महात्मा गॉंधी काशी विद्यापीठ की तरफ़ से सम्बन्धित पीएचडी धारक से डॉक्टरेट की वह डिग्री वापस लेने की नोटिस भी छपी हैl इस पत्र की प्रतिलिपि सीएम योगी आदित्यनाथ, पीएम नरेंद्र मोदी, प्रदेश व केंद्र के शिक्षा मन्त्री, तत्कालीन कुलपति, रजिस्ट्रार व अन्य सम्बन्धित अधिकारियों को भेजी गई थीl


पूर्वांचल विवि पर इसी गैंग का है कब्जा: वर्तमान में यही अति विवादित कथित 'प्रोफेसर नटवरलाल' ढाई दशक से अपनी तरह के विवादित और जगलर शिक्षकों का 'पुरोहित गैंग -2' बनाकर खुद एक संकाय का विभागाध्यक्ष बन बैठा हैl अपनी गैंग के अन्य सदस्यों को विभिन्न विभागों और उन पदों पर काबिज कराया है जो नियुक्ति से लेकर भवन निर्माण, पेंटिंग, अन्य सामानों की खरीद, पुस्तकालय, ट्रांजिट हास्टल, स्टूडेंट हास्टल, एडमिशन, पीएचडी पंजीकरण समेत पीयू की हर 'शाख' को उल्लू सरीखे बैठकर कब्जाए हैंl वह किसी भी विभाग के अहम प्रोफेसर को हटवाने के लिए उन छात्रों का उपयोग करता है जिनका पढाई से कोई लेनादेना नहीं रहता, उन्हें बिना क्लास किए अच्छे नम्बर मिलने की जुगाड़ गारन्टी यही गैंग देता हैl फ़िर तो वही छात्र आंदोलन पर उतारू हो जाते हैंl अन्य विवरण अगली कड़ी में l,,, क्रमशः

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