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नशे का धंधा: आईपीएल के सट्टेबाजों ने मिलकर बनाया कोडीन कफ सिरप का सिंडिकेट!Tahalka Samvad

Tahalka Samvaad

 नशे का धंधा: आईपीएल के सट्टेबाजों ने मिलकर बनाया कोडीन कफ सिरप का सिंडिकेट! 


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कैलाश सिंह/संतोष कुमार सिंह

विशेष संवाददाता/चीफ रिपोर्टर

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-अब जांच एजेंसियों के निशाने पर है आजमगढ़ का विकास सिंह और जौनपुर का अंकित श्रीवास्तवl

-पूर्वांचल मेडिकल दवा एजेंसी अंकित श्रीवास्तव के नाम से खुली तो 'कोडीन कफ सिरप' के धंधे ने बदल दी जिंदगीl

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लखनऊ/वाराणसी/जौनपुर, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में दवा बिक्री के लिए बीते पांच साल में मेडिकल एजेंसियां खोलने और लाइसेंस लेने वालों की भरमार पर भी प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एव्ं औषधि प्रशासन की नींद नहीं खुलीl मेडिकल सूत्रों की मानें तो विभागीय अफसरों की आँखों पर 'मोटे कमीशन' का पर्दा पड़ा थाl इसी पर्दे के सहारे पूर्वांचल के जिलों से लेकर झारखंड तक 'कोडीन कफ सिरप' का नेक्सस बड़े सिंडिकेट का रूप लेता जा रहा थाl मध्य प्रदेश में प्रदूषित या एक्सपायरी कफ़ सिरप से बच्चों की हुई मौतों ने देशभर में हलचल मचा दीl उसी के क्रम में उत्तर प्रदेश का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन सक्रिय हुआl आयुक्त ने राजधानी लखनऊ में जांच शुरू कराई तो कोडीन कफ सिरप का दुरूपयोग नशे के रूप में होता पाया गयाl इतना ही नहीं, फर्जी बिलिंग से बेहिसाब मात्रा में विदेशी दवा कम्पनी से मंगाए जा रहे कफ़ सिरप की तस्करी अंतर प्रांतीय और बांग्लादेश समेत खाडी देशों तक पहुंची तो अंतर राष्ट्रीय तस्करी का अंदेशा सच साबित होने लगाl 

आयुक्त के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में जांच होने लगी तो पूर्वांचल का मुख्य केन्द्र वाराणसी पाया गया, यहां सिंडिकेट का किंगपिन फौरी तौर पर शुभम जायसवाल माना गयाl इधर उसके खिलाफ एफ आई आर हुई उधर वह देश छोड़ चुका थाl इस तरह नशे के इस सिंडिकेट में खलबली मच गईl


 दरअसल अब तक हुई भोला जायसवाल, अमित सिंह टाटा और एसटीएफ के बर्खास्त सिपाही आलोक प्रताप सिंह इन तीन की गिरफ्तारी से विपक्षी दल 'कयास' के भरोसे जहां इसे सत्ताधारी दल भाजपा के सीएम योगी आदित्यनाथ को घेरने की कोशिश में लगे हैं, वहीं सरकार ने नशे के कारोबारियों पर सख्ती के आदेश दिये हैंl जांच एजेंसियों में एसटीएफ, ईडी आदि के बढ़ते शिकन्जे से सिंडिकेट बिखरने लगा हैl पुलिस से भागते फ़िर रहे विकास सिंह और अंकित श्रीवास्तव की गिरफ्तारी के बाद उनकी निशानादेही पर उन लोगों के भी नाम सामने आयेंगे जो अभी जांच एजेंसियों की नज़र में केवल मौखिक रूप से हैंl ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय मनी लॉन्ड्रिंग में सभी की संपत्तियाँ भी जब्त करे तो हैरत नहीं होनी चाहिएl


विकास सिंह नर्वे और अंकित श्रीवास्तव के रिश्तों की डोर शुभम जायसवाल के हाथ में ऐसे पहुंची थी: आजमगढ़ जिले के ठेकमा के 'नर्वे गांव' का रहने वाला विकास सिंह 'नर्वे' की टाइटिल प्रचलित हुआl इसका नाम दो साल पूर्व वर्ल्ड कप क्रिकेट के आईपीएल की सट्टेबाजी के दौरान कोतवाली थाने में दर्ज हुई एफआईआर में कुख्यात हुआl विकास ने ही अमित सिंह टाटा को शुभम जायसवाल से मिलवाया थाl इसके बाद एसटीएफ के बर्खास्त सिपाही की दोस्ती हुईl ये सभी पूर्वांचल मेडिकल एजेंसी जो अंकित श्रीवास्तव के नाम पर है, उसके जरिए अंकित के साथ मिलकर सभी कोडीन कफ सिरप के धंधे से लाखों पीटने लगे, इस तरह वे सिंडिकेट की अहम कड़ी बन गएl अंकित श्रीवास्तव भी सट्टेबाजों वाले रैकेट का नामचीन मेंबर थाl यह जौनपुर के ख्वाजादोस्त मोहल्ला (निकट राम चित्र मन्दिर सिनेमा थियेटर) के पास रहता रहाl इसकी फर्म पूर्वांचल मेडिकल से अधिकतर कफ सिरप की बिलिंग हुई मिलीl


दो साल में ये गिरोह 'खाक से लखपति बना: कोडीन कफ़ सिरप के धंधे ने इस रैकेट के सभी सदस्यों की लाइफ स्टाइल चेंज कर दी, या यूं कहें कि इस धंधे ने सभी फटेहालों को लखपति बना दियाl करोड़ों के मुनाफे में धंधा पहुंचा तो इनके तन पर लाखों के कपड़े और जूते दिखने लगेl ये आधा दर्जन से अधिक लग्जरी गाड़ियों का काफिला लेकर चलने लगेl इनका दुबई तक आते- जाते रहना ही धंधे को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की पोल भी खोलता रहाl इसमें आजमगढ़, वाराणसी, जौनपुर व पूर्वांचल के कई माफिया के शामिल होने के अंदेशे को बल मिल रहा हैl,,,,,.  🚨 BREAKING | अवैध कफ सिरप तस्करी का 2000 करोड़ का खुलासा, कई सफेदपोश भी शामिल। ED जांच शुरू।


ईडी की प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा 

अवैध कफ सिरप तस्करी का कारोबार 2000 करोड़ रुपये से अधिक का निकलकर सामने आया है।


जांच में यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क में कई सफेदपोश लोगों की भी भूमिका रही।


ईडी ने दो टीमें बनाकर जांच तेज की है 


एक टीम तस्करी और वित्तीय पैटर्न की जांच कर रही है


दूसरी टीम यूपी सहित कई राज्यों और विदेशी एजेंसियों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई कर रही है


प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, गिरोह ने तीन राज्यों और विदेशों में 2000 करोड़ से ज्यादा की कफ सिरप तस्करी की है।

फर्जी कंपनियाँ, संपत्तियाँ और बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ।

#Coughsyrup   क्रमशः

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