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राष्ट्रवाद, देशभक्ति के मायने तलाशने की कोशिश है 'नये साल की शाम- शहीदों के नाम'।। Tahalka Samvad

Tahalka Samvaad

 राष्ट्रवाद, देशभक्ति के मायने तलाशने की कोशिश है 'नये साल की शाम- शहीदों के नाम'



-तहलका न्यूज नेटवर्क/फ्रेंड्स ग्रुप की प्रस्तुति-

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कैलाश सिंह-

(राजनीतिक संपादक)/   हसनैन क़मर "दीपू"

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जौनपुर/लखनऊ(टीएनएन)l नया साल, नई उम्मीद और उमंग लेकर आया हैl वर्तामान पीढी़ गांव से लेकर देश में बहुत सारे बदलाव की गवाह बनी हैl हमारी नज़र में 'राष्ट्रवाद और देश भक्ति' का मतलब प्राकृतिक आपदाएं हर सौ साल में समझा जाती हैंl जैसे वर्ष 2019-20 में कोरोना ने बड़ा सबक दियाl आपदा में अवसर तलाश रहे कुछ लोगों को छोड़ दें तो अधिकतर इंसान दुनिया के किसी देश में मर रहे लोगों को देखकर सिहर उठता थाl यही वह क्षण था जब पैसा और भौतिक व्यवस्था फेल नज़र आईl उसपर अध्यात्म और प्राकृतिक व्यवस्था भारी पड़ीl हर कोई दूसरों के दुख से द्रवित होकर उसकी सहायता के लिए आगे आयाl उस दौरान सबके मन में राष्ट्रवाद यानी समूचा देश ही अपना परिवार महसूस हुआl  इसी तरह देश की सुरक्षा में लगे 'सैनिक हर मौसम में हर वक़्त' दुश्मन देशों और विपरीत परिस्थिति से लड़ते हुए हमें बचाते हैंl 25 जनवरी को 'नये साल की शाम- शहीदों के नाम' आयोजित कार्यक्रम का मकसद  इसी राष्ट्रवाद से हैl इसमें सहभागी बना है 'तहलका न्यूज नेटवर्क/फ्रेंड्स ग्रुप ट्रस्टl' 


इस आयोजन का मकसद है शासन की योजनाओं से कदमताल करनाl हर योजना अच्छी होती हैl उसके पालन में सहभागी होना हमारा अधिकार और कर्तव्य दोनों हैl हम घर और आसपास के इलाके को स्वच्छ रखेंगे तो मोहल्ला और गांव दूसरों के लिए नजीर बनेगाl यही कड़ी आगे बढ़ेगी तो जनपद, प्रदेश और देश बीमारियों से बचेगाl इसी तरह स्कूल और कॉलेज में 'स्काउट गाइड' के जरिये इंसान के जीवन के हर पहलू पर अनुशासन का पाठ पढ़ाया जाता हैl यानी हमारी स्वाधीनता वहीं खत्म होती है जहां से दूसरों की शुरू होती हैl यातायात नियमों का पालन सभी करें तो खुद के साथ दूसरों की जिंदगी भी बचाई जा सकती हैl 



कातिल हुआ चाइनीज माझा: पतंगबाजी दशकों से होती रही है लेकिन उसके सूती धागे इस खेल में प्रतिद्वंद्वी की डोर काटते थे, लेकिन अब नायलोन से बने चाइनीज (सिंथेटिक)माझे पतंग की डोर नहीं, लोगों की जिंदगी की डोर (गला) काट रही हैंl जौनपुर में पिछले दिनों दो लोगों शिक्षक और चिकित्सक की जान का ग्राहक यही कातिल माझा बनाl नये साल की 14 जनवरी को बाइक सवार डॉ समीर हाशमी और 10 दिसम्बर को शिक्षक संदीप तिवारी की जान इसी सिंथेटिक धागे ने ले लीl बाबजूद इसके शहर कोतवाली क्षेत्र के एक दुकानदार को मनबढ़ों ने इसलिए पीटा क्योंकि उसने सिंथेटिक धागा खरीदने और बेचने से इनकार कर दियाl यह क्या है? अपनी खुशी के लिए दूसरों के घर में मातम देना देशभक्ति और राष्ट्रवाद कैसे हो सकता है? ऐसे तमाम सवाल आमजन से ही जवाब मांगते हैंl


हमारा देश दुनिया में तीसरी अर्थ व्यवस्था की तरफ़ अग्रसर है और हम (युवा) नशे की तरफ़ बढ़ रहे हैंl नशा का अतिरेक करने वाला व्यक्ति त्योहार और किसी भी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद नहीं ले पाता हैl क्योंकि वह जिस क्षणिक खुशी के लिए नशा करता है वही खुशी उसे नहीं मिल पाती हैl


इन्हीं मुद्दों को लेकर आयोजित इस कार्यक्रम में फ्रेंड्स ग्रुप के कलाकार नृत्य और नाटक की प्रस्तुति देंगे, जिनका नेतृत्व सलमान शेख करेंगेl आयोजन की थीम पूर्वांचल के मेदांता 'साल्वेशन अस्पताल' के बेहतरीन युवा चिकित्सक डॉ विवेक श्रीवास्तव ने रखी हैl इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मन्त्री गिरीश चंद्र यादव हैंl इन्होंने खुद पिछले दिनों प्रदेश भर में शासन के नशा मुक्ति अभियान में अग्रणी भूमिका निभाईl दूसरे अतिथियों में दो कद्दावर समाजसेवी और राजनीतिक शख्सियत कुंवर वीरेंद्र प्रताप सिंह और ज्ञान प्रकाश सिंह के अलावा शाहगंज के विधायक रमेश सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंशु,भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह, डॉ हरेंद्र प्रसाद सिंह  नगरपालिका अध्यक्ष मनोरमा मौर्य की मौजूदगी अहम रहेगीl साथ ही जिले के तमाम शिक्षक, चिकित्सकों, पूर्व फौजियों और उनके परिजनों की उपस्थिति माहौल को देशप्रेम की जागरुकता से ओतप्रोत करेगीl आप सभी सहभागी बनेंगे तो हमारी मंशा को बल मिलेगाl

नोट- हर खबर का विश्लेषण पढ़ने को क्लिक करें हमारे डीजिटल प्लेटफार्म-www.tahalkasamvaad.com को, धन्यवाद l

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