पाकिस्तान की स्याह राजनीति: 'सियासी पिच' ने इमरान खान को अंधेरे कूप में ढकेल दिया!
---------------------------------------
कैलाश सिंह/ रुद्र प्रताप सिंह
राजनीतिक संपादक/चीफ रिपोर्टर
---------------------------------------
-मिसाल: 30 महीने से जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व पीएम और पूर्व कप्तान इमरान खान का क्रिकेट जगत में योगदान है सर्वमान्य, उनकी आँखों की रोशनी धीरे -धीरे जा रही, उसे वापस लाने को भारत के सुनील गावस्कर, कपिलदेव समेत पांच देशों के 14 पूर्व कप्तानों ने पाक फील्ड मार्शल असीम मुनीर को लिखी चिट्ठी में की तीन अपील!
---------------------------------------
दिल्ली/लखनऊ,(तहलका न्यूज नेटवर्क)l दुनिया में पाकिस्तानी क्रिकेट का डंका बजाने वाले इस खेल के शहंशाह यानी बेहतरीन आलराउंडर रहे इमरान खान 'राजनीतिक पिच' पर हार गएl वह दोनों विधा में कप्तान रहेl क्रिकेट में उन्होंने अपने देश को वर्ल्ड कप दिलाया जो अब तक की पहली और अंतिम उपलब्धि रहीl यानी उनके बाद से पाकिस्तान विश्व चैंपियन बनने को तरस रहा हैl क्रिकेट से संन्यास लेकर जब वह राजनीतिक दल बनाकर सियासी मैदान में उतरे तो यहां भी उन्हें जनता ने देश की कप्तानी सौंप दीl उनके नये कार्यों से बौखलाए राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों ने उन्हें 'आउट साइडर' करार दे दियाl कंगाली की कगार पर खड़े पाकिस्तान की बागडोर इन दिनों परोक्ष रूप से सेना के हाथ में हैl यहां के पीएम कहने भर के लिए हैंl सारे फैसले फील्ड मार्शल असीम मुनीर द्वारा लिया जाता हैl उन्हीं के इशारे पर 30 महीने से जेल की सजा काट रहे पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मन्त्री इमरान खान अंधेरे की गर्त में विलीन हो रहे हैंl यानी उनकी आँखों की रोशनी आहिस्ते- आहिस्ते जा रही है और वह बेहतर इलाज़ को तरस रहे हैंl इस कठिन घड़ी में उनके सहयोग में उनकी 'वर्ल्ड इलेवन क्रिकेट टीम' पाकिस्तानी हुक्मरानों के सामने खड़ी हो गई हैl इस टीम में शामिल पांच देशों के 14 दिग्गज खिलाड़ी व पूर्व कप्तानों ने पाक सरकार को चिट्ठी भेजकर तीन बड़ी मांग की हैl इनमें उनके बेहतर इलाज़ को प्रमुखता से रखा गया हैl
दरअसल क्रिकेट हो या किसी भी खेल में प्रतिस्पर्धा अथवा प्रतिद्वंद्विता खेल मैदान तक ही सीमित होती हैl यही कारण है कि मिलिट्री शासन की 'आदी' हो चुकी पाकिस्तानी पब्लिक से अधिक इमरान खान को चाहने वाले भारत और दुनिया के तमाम देशों में भी अधिक हैंl क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान राजनीति में भी शीर्ष पर पहुंचे l उन्होंने अपने पार्टी बनाकर चुनाव में जीत हासिल की और लोकतांत्रिक तरीके से प्रधान मन्त्री बनेl लेकिन वह राजनीतिक पिच पर अधिक दिन नहीं खेल पाएl क्रिकेट में
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1971 में कीl वर्ष 1992 यानी (लगभग 21 साल) तक उनकी गिनती बेजोड़ और बेहतरीन आल राउंडर के रूप में होती रही हैl वह ऐसे उम्दा क्रिकेटर रहे जिन्होंने 25 मार्च 1992 में अपनी कप्तानी में वर्ल्ड कप हासिल कियेl यह इतिहास उन्होंने आस्ट्रेलिया के मेलबर्न में रचाl फाइनल मैच में उन्होंने खुद 72 रन बनाए थे और 22 रन से जीत हासिल कर 'वर्ल्ड कप' पाकिस्तान की झोली में डाल दियाl इसके बाद से अब तक इस देश की टीम विश्व कप के लिए तरस रही हैl
क्रिकेट के दिग्गजों की चिंता: पाकिस्तान सरकार को चिट्ठी लिखने वालों में इमरान खान की वर्ल्ड इलेवन क्रिकेट टीम के पांच देशों के 14 दिग्गज खिलाड़ियों में भारत से सुनील गावस्कर, कपिलदेव और वेस्टइंडीज के सर क्लाइव लायड तथा इग्लैंड से डेविड गावर, नसीर हुसैन हैंl न्यजीलैंड के जान राइट और आस्ट्रेलिया के एलन बार्डर, स्टीव वॉ, ग्रेग चैपल, इयान चैपल जैसे ये सभी खिलाड़ी एक दौर में अपने देशों की क्रिकेट टीम के कप्तान रह चुके हैंl दिलचस्प ये है कि इस पहल में पाकिस्तान का कोई खिलाड़ी नहीं शामिल है l
पाकिस्तान को लिखी चिट्ठी में तीन प्रमुख मांग: इमरान के बेहतर स्वास्थ्य व इलाज के साथ सुरक्षा और सम्मान के लिए जो तीन मांग रखी है उनमें पहली है इमरान की पसन्द के योग्य चिकित्सक से तुरन्त इलाज़ की व्यवस्था हो, दूसरे उन्हें क्रिकेटर व पूर्व प्रधान मन्त्री के नाते सम्मानजनक सेल में रखा जाए और उन्हें परिवार से नियमित मिलने दिया जाएl तीसरे बिना किसी रुकावट के उन्हें निष्पक्ष और लीगल सहायता लेने की छूट दी जाए ताकि वह अपने वकीलों से मिलकर मुकदमों की समुचित पैरवी कर सकेंl
विदित हो कि अपने ही देश पाकिस्तान की 'सियासी पिच' के प्रतिस्पर्धियों की क्रूरता के शिकार इमरान खान जेल की काल कोठरी में अपनी आँखों के इलाज़ को तरस रहे हैं l एक आँख की 85 फीसदी रोशनी जा चुकी हैl दूसरी आँख भी उसी राह से धीरे धीरे अंधेरे की तरफ़ बढ़ रही हैl इस तरह विश्व स्तरीय क्रिकेट का यह सितारा सियासी पिच पर खेलते हुए गर्त में ढकेला जा रहा हैl
नोट- दुनिया की खास खबरों के लिए लाइक और क्लिक करें हमारे डिजिटल प्लेटफार्म- tahalkasamvaad. Com को, धन्यवाद l

