पश्चिम बंगाल विस चुनाव: चुनावी महाभारत में 'खेला होबे बनाम झालामुड़ी' चार मई को क्या गुल खिलाएगी!
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कैलाश सिंह/संतोष कुमार सिंह
पोलिटिकल एडिटर/ ब्यूरो चीफ
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-मतदान का पहला फेज 23 अप्रैल: 152 सीटों पर केंद्रीय सुरक्षाबलों की निगरानी में पड़ेंगे वोट, एसआईआर के चलते 91 लाख वोटर हो चुके हैं सूची से बाहर, इनमें घुसपैठियों, मृतकों के साथ दूसरे राज्यों में शिफ्ट हुए लोग भी शामिलl
-पुराने मुद्दे फेल: यहां 70 फीसदी हिन्दू वोट बैंक पर 27-30 फीसदी मुस्लिम वोटबैंक फैक्टर तीन चुनावों में हावी रहा, वर्ष 2011-16 और 21 में तृणमूल कांग्रेस की जीत का बड़ा कारण बना था ये फैक्टर, इस बार ये दीवार टूटती नज़र आ रहीl
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कोलकाता/वाराणसी, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l पश्चिम बंगाल में चल रहा चुनावी महाभारत चरम पर हैl पहले फेज में 152 सीटों के लिए 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगेl इससे पूर्व प्रचार के दौरान 'नेरेटिव और परसेप्शन वॉर' के अलावा एक- दूसरे दलों पर आरोप- प्रत्यारोप का दौर चलाl भाजपा- टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पें भी हुईंl कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे की जुबान पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर ऐसी फिसली कि भाजपा इस मामले को लेकर चुनाव आयोग पहुँच गईl हालांकि खड़गे ने इसपर अपनी सफाई दे दी हैl
चुनाव का दिलचस्प पहलू: राजनीतिक विश्लेषकों के नजरिये से देखें तो संसद में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद भाजपा ने जहां इसे बड़े मुद्दे में शामिल कर लिया, वहीं मुस्लिम फैक्टर रूपी दीवार को भी यह पार्टी तोड़ने में लगी हैl ममता बनर्जी के मुकाबले भाजपा के भवानीपुर में सुवेन्दु अधिकारी हैंl पिछले चुनाव में नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराने वाले सुवेन्दू का आत्मविश्वास भी सिर चढ़कर बोल रहा हैl भाजपा के सीनियर लीडर के रूप में स्थापित हो चुके टीएमसी से आये सुवेन्दू अधिकारी को लेकर ममता बनर्जी का 'बाहरी बनाम बंगाली' का मुद्दा पिट चुका हैl पिछले चुनाव के बाद हुई हिंसा ने यहां इस बार के चुनाव को असहज बना दिया हैl यही कारण है कि अबकी केंद्रीय सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई और प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को अलग कर दिया गया हैl इस बार ममता बनर्जी के स्लोगन- 'खेला होबे के मुकाबले भाजपा ने पीएम नरेंद्र मोदी की झालमुड़ी' को उतारने के साथ जीत- हार की धारणा बदलकर जन भावना को दबाव मुक्त कर दिया हैl
पश्चिम बंगाल का मुस्लिम वोटबैंक फैक्टर: इस चुनाव में यदि भाजपा की जीत पश्चिम बंगाल में हुई तो यह तीसरा राज्य होगा जहां मुस्लिम वोटबैंक फैक्टर (चुनाव में निर्णायक भूमिका) वाली दीवार तोड़ने का भी श्रेय उसे मिलेगाl पहली बार मुस्लिम वोटबैंक वीटो 2016 में असम में भाजपा ने तोड़ा थाl इस बार भी टूटा तो वहां हैट्रिक होगीl यहां 33 फीसदी आबादी मुस्लिम हैl इसके बाद 2017 में मुस्लिम वोटबैंक फैक्टर का वीटो यूपी में टूटाl इससे पूर्व सपा- बसपा की सरकार बनाने में यह फैक्टर कारगर रहाl अब पश्चिम बंगाल में यह वीटो टूटने के कगार पर नज़र आ रहा हैl यदि भाजपा ने राज्य के मुस्लिम बहुल सीटों पर इस वोटबैंक फैक्टर को विभाजित कराने में कामयाबी हासिल कर ली तो वहां कांग्रेस और सीपीएम मजबूत होंगी और टीएमसी के सत्ता रूपी तख्त का पाया चरमरा जाएगाl
पश्चिम बंगाल में मुस्लिम वोटबैंक: वर्ष 2011 की जनगणना के तहत कुल 27 फीसदी मुस्लिम आबादी है जो अनुमान के मुताबिक अब 30 फीसदी हो चुकी होगीl हलांकि इसमें शामिल घुसपैठिये एसआईआर के दौरान बाहर हो चुके माने जा रहे हैंl यहां के दो जिलों मुर्शिदाबाद में 66.27 फीसदी और मालदा में 51 फीसदी मुस्लिम आबादी हैl बाकी के कई जिलों में 50 प्रतिशत से नीचे हैl फ़िर भी समूचे प्रदेश में हिन्दू आबादी लगभग 70 फीसदी है लेकिन डेढ दशक से यही मुस्लिम वोटबैंक फैक्टर ममता बनर्जी की सरकार बनाए रखने में निर्णायक भूमिका निभाता रहा हैl इस बार टीएमसी से अलग होकर हुमायूँ कबीर भी अपनी पार्टी बनाकर चुनाव मैदान में हैंl इसके अलावा बिहार में आरजेडी को मात दिलाने वाले असदुद्दीन ओवैसी पश्चिम बंगाल में ताल ठोंके पड़े हैंl ये दोनों दल ममता बनर्जी के मुस्लिम वोटबैंक फैक्टर की दीवार को कमजोर कर सकते हैंl
पश्चिम बंगाल के 16 जिलों की 152 सीटों पर 23 को होगा मतदान: पहले फेज में जिन 152 सीटों पर मतदान होगा उनमें वोटरों की संख्या तीन करोड़ 60 लाख 77 हजार हैl ये मतदाता दार्जिलिंग, कालिंपोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूच बिहार, उत्तर दिनाजपुर, द. दिनाजपुर, मालदा, वीर भूम, मुर्शिदाबाद, झारग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, पू.मेदिनीपुर, प. मेदिनीपुर और पश्चिम बर्दवान हैंl इनमें मालदा और मुर्शिदाबाद जिले की सीटों पर कांग्रेस और सीपीएम त्रिकोणीय मुकाबले में टीएमसी को तगडी टक्कर देते नज़र आ रहे हैंl





