पीयू में एव्रीथिंग इज़ रांग-3: गोरखपुर विवि से 'एलएलएम का सिलेबस' कॉपी पेस्ट!
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तहलका संवाद
विशेष एपिसोड
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-पूर्वांचल विश्वविद्यालय कहने को उच्च शिक्षण संस्थान है लेकिन यहां कानून की पढ़ाई में भी हो रहा है मजाक, यानी यहां कानून की पढ़ाई में सिलेबस भी दूसरे विश्वविद्यालय की नकल की गई हैl हाल ही में विधि संस्थान का निदेशक उस व्यक्ति को बनाया गया है जिसे प्रयागराज के रज्जू भैय्या विवि ने एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर योग्य साक्षर नहीं समझा, लेकिन यहां उन्हें प्रोफेसर बना दिया गयाl साथ ही संस्थान के एल एल एम में सीट भी 40 से बढ़ाकर 60 कर दी गई हैl
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जौनपुर/लखनऊ, (तहालका न्यूज नेटवर्क)l पूर्वांचल विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई में स्नातक स्तर पर पिछले नौ साल से और परा स्नातक में पिछले साल से मजाक हो रहा हैl यहां बार 'कौंसिल ऑफ इंडिया' के मानक भी दरकिनार किए जा चुके हैंl विगत तीन साल से अराजकता चरम पर पहुँच गई हैl पिछले साल जिस संविदा शिक्षक को 'एल एल एम' को सिलेबस बनाने की जिम्मेदारी मिली थी उसने खुद को विधिवेत्ता समझकर गोरखपुर विवि का सिलेबस कॉपी पेस्ट करके दो दिन के भीतर अपनी सुपर योग्यता का लोहा परीक्षा नियंत्रक और वीसी के सामने मनवा दियाl यहां हुईं पांच दर्जन से अधिक शिक्षकों की नियुक्तियों में भी लाखों की गोपनीय नीलामी चली हैl ठेकेदार अलग लूट मचाए हैंl यहां के किसी विभाग में पारदर्शिता नहीं हैl पत्रकारिता विभाग का अध्यक्ष भी ऐसे व्यक्ति को बनाया गया है जिसका मीडिया से कोई सरोकार नहीं हैl वह पहले एक प्रोजेक्ट में काम करता थाl बाद में उसने इतिहास में पीएचडी करके इस संस्थान में दाखिल हुआl यही कारण है कि यहां के कथित गोल्डमेडलिस्ट भी अवसाद में जी रहे हैंl होटल संचालक भी शोधार्थी हैंl इस एपिसोड में विवि के बड़े जगलरों की कुंडली बांचने को मिलेगीl
पुरोहित गैंग के विवि अध्यक्ष का कारनामा सुनिए: इस गैंग का प्रदेश अध्यक्ष विवि के बिजनेस एकोनामिक्स में वर्षों से प्रोफेसर हैl वह हर नये वीसी के नजदीकी को अध्यक्ष बना देता हैl गैंग का राष्ट्रीय अध्यक्ष बेसिक शिक्षक है लेकिन कभी स्कूल नहीं जाता हैl क्योंकि वह कथित पत्रकार जो हैl पिछले करीब तीन साल में नये अध्यक्ष ने लैब टेक्नीशियन व अटेंडेंट को पार्टी पेमेंट सीट पर बैठाकर ठेकेदारों से अपनी कट मनी का हिसाब बना लियाl मूल्यांकन हो या कोई नियुक्ति सब में परोक्ष रूप से नीलामी चलती हैl पांच दर्जन से अधिक नियुक्तियों में लाखों के वारे- न्यारे होने की खबर यहां की फिजाओं में तैर रही हैl भवनों के रेनोवेशन में तो करोड़ो का खेल 'नहरों की सिल्ट सफाई' वाली तर्ज पर होता हैl
अब खतरनाक जगलर की कुंडली पढ़िए: यह पुरोहित गैंग का प्रदेश अध्यक्ष विवि के बिजनेस एकोनामिक्स विभाग में दशकों से प्रोफेसर हैl रसिया होने के चलते यह अपने अधीन अधिकतर छात्राओं को ही शोध कराता हैl वर्षों पूर्व इसने एक छात्रा का जीवन इस तरह खराब कर दिया कि उसने आत्महत्या की कोशिश भी की थी लेकिन परिजनों के कारण बच गईl वाराणसी के हरहुआ क्षेत्र की (काल्पनिक नाम -नम्रता पाठक) की शादी उसी जगलर ने कराई और फ़िर डायवोर्स भी करा दियाl तब उस छात्रा ने खुद के लिए जानलेवा कदम उठाया थाl इसी जगलर ने विवि की लाइब्रेरी का अध्यक्ष रहते समय अपने पिता की लिखित पुस्तक में अपना भी नाम जोड़कर करीब 300 से अधिक पुस्तकों और अन्य गैर जरूरी पुस्तकों से लाइब्रेरी को भर दिया, जिसका खामियाजा छात्र आज भी भुगत रहे हैंl उन्हें सिलेबस की पुस्तकें नहीं मिल पा रही हैंl पिछले महीनों एक छात्रा ने मीडिया को आन कैमरा दिये बयान में जिक्र भी किया तो उसे दबा दिया गयाl इसके खिलाफ़ राजभवन से जांच आई तो इसने कथित 'रकम रूपी रसूख' से उस जांच वाली हवा की दिशा ही बदल दीl पिछले साल इसके खिलाफ़ फार्मेसी के 'उस शिक्षक पर जानलेवा हमला कराने की दर्ज एफआईआर में नाम आया था' जिसे पहले से ब्लड कैंसर हैl वह घायल शिक्षक बी एच यू में हफ़्तों इलाज के बाद बच पाया, लेकिन आरोपी ने मोटी रकम खर्च करके अपना नाम हटवा लियाl
विधि संस्थान की बायोमेट्रिक हाजिरी मशीन आलमारी में बन्द, कानून की पढ़ाई बनी मजाक: नौ साल पूर्व यानी वर्ष 2018 में पूर्वांचल विवि में विधि स्नातक का संचालन शुरू हुआl तब एक प्रोफेसर को निदेशक और 12 असिस्टेंट प्रोफेसर (जिनमें संविदा वाले भी) की नियुक्ति हुईl इनमें दो शिक्षक क्रमशः आजमगढ़ व गाज़ीपुर अपने मूल आवास जाते हैं, इसलिए बायोमेट्रिक मशीन विभाग की आलमारी में धूल फांक रही हैl 'बार कौंसिल ऑफ इंडिया' ने मानक दिया है कि 60 से अधिक छात्र एक कक्ष में नहीं पढ़ सकते हैं लेकिन यहां प्रवेश लेने के बाद दो - चार हफ़्ते सौ से अधिक छात्र पढ़ते हैं, क्योंकि उसके बाद वे आते ही नहींl इसलिए कि जब शिक्षक पढ़ाते नहीं तो वे विवि कैंपस देखने क्यों आयें? इसी का फायदा एक कक्ष होने पर मिलता हैl पिछले साल यानी 2025 में आनन -फानन 'एल एल एम' की कक्षाएं शुरू हुईं l सिलेबस बनाने की जिम्मेदारी उसे मिली जो अधिक गैरहाजिर रहता हैl यह अधिक गैरहाजिर रहने वाले दो शिक्षकों में से एक है जिसने खुद को विधि वेत्ता साबित करने के लिए गोरखपुर विवि के सिलेबस की कॉपी पेस्ट परीक्षा नियंत्रक और वीसी की कमेटी को थमाकर शाबाशी ले लीl जबकि इसी विवि के अधीन संचालित 600 कॉलेजों में टीडी कॉलेज सरीखे तमाम महाविद्यालयों में अपने अलग सिलेबस पढ़ाए जा रहे हैंl इसी विधि संस्थान में पिछले दिनों उस व्यक्ति को प्रोफेसर नियुक्त कर निदेशक बनाया गया जिसे प्रयागराज के रज्जू भैय्या विवि से एसोसिएट प्रोफेसर की चयन कमेटी ने रिजेक्ट कर दिया थाl उसने बुंदेलखंड रहते हुए आवेदन किया थाl वह रहने वाला वाराणसी का है लिहाजा उसे बड़ी सहूलियत मिल गईl नियुक्तियों में मोटी रकम यानी लाखों में चलने की बात उन लोगों से बाहर आई जो उतनी रकम चुकाने में पीछे रह गएl इस तरह पैसा हर सरकारी दफ्तरों में सिर चढ़कर बोल रहा है जिसे रोकने में अरसे से सरकारें नाकाम हैंl
अब अगली कड़ी में शोधर्थियों समेत अन्य दिलचस्प विवरण मिलेंगेl ,,,,,,,,क्रमशः
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