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भाजपा का दलित सरोकार: नगर निकाय से लोकसभा तक पहुंचे विद्या सागर सोनकर अब राज्यसभा में देंगे दस्तक! Tahalka Samvad

Tahalka Samvaad

 भाजपा का दलित सरोकार: नगर निकाय से लोकसभा तक पहुंचे विद्या सागर सोनकर अब राज्यसभा में देंगे दस्तक! 


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-सवर्णों के नेता कहे जाने वाले  विद्या सागर सोनकर का राजनीतिक सफ़र पांच दशक पुराना हैl वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की पृष्ठिभूमि से निकले तो नगर निकाय से होते हुए विधानसभा/ परिषद होते हुए पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेयी की 13 महीने की सरकार में लोकसभा सदस्य रह चुके हैंl अब भाजपा ने इन्हें संसद के उच्च सदन राज्यसभा के लिए उम्मीदवार घोषित किया है, जिसके चलते जौनपुर ही नहीं पूर्वांचल में खुशी की लहर दौड़ रही हैl

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जौनपुर/लखनऊ, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l आरएसएस की पृष्ठिभूमि से राजनीति में दस्तक देने वाले निवर्तमान एमएलसी विद्या सागर सोनकर वर्ष 1985 में भाजपा के बूथ अध्यक्ष बनेl वर्ष 1989 में वार्ड सभासद का चुनाव जीतकर अपनी सियासी पारी शुरू कियेl उन्होंने विधान परिषद और लोकसभा तक के सफ़र में तमाम उतार- चढ़ाव देखेl इस बीच वह संगठन के विभिन्न पदों पर रहते हुए जनपद और प्रदेश के हर वर्ग के बीच अपनी लोकप्रियता कायम रखे रहेl


संघर्ष के जरिए पराजय से लोहा लेते रहे: विद्या सागर सोनकर पूर्वांचल के जौनपुर जनपद मुख्यालय के सुक्खीपुर मोहल्ले के बाशिंदा हैंl 21 जुलाई वर्ष 1961 में जन्मे श्री सोनकर पढाई के दौरान ही संघ से जुड़ गएl इसके बाद नगर पालिका में सभासद फ़िर 1996 में सैदपुर संसदीय सीट से भाजपा के सांसद चुने गएl वर्ष 2000 में पार्टी ने उन्हें भाजपा के जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपीl इस बीच वह अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, युवा मोर्चा की प्रदेश इकाई, काशी, गोरखपुर प्रांत में भाजपा के पदाधिकारी रहते उन्हें कुशल संगठनकर्ता माना गयाl प्रदेश कार्य समिति में ये निरंतर बने रहे और प्रदेश महामन्त्री का दायित्व भी बखूबी निभायाl हालांकि 2009 के लोकसभा और 2017 के विधान सभा चुनाव में इन्हें पराजय का सामना करना पड़ा लेकिन वह कभी हार नहीं माने और पार्टी से जुड़े रहेl


छह राजनीतिक यात्राओं की सम्भाली थी जिम्मेदारी: 2017 में विधान सभा में मिली हार के बावजूद पार्टी ने उन्हें एमएलसी बनायाl 2022 के विस चुनाव में अहम भूमिका निभाई और चुनाव से पूर्व निकली छह यात्राओं की जिम्मेदारी इन्हें सौंपी गई थीl समझा जाता है कि संगठन में इनके अनुभव और सशक्त दलित नेता के तौर पर पार्टी ने इन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाया हैl

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