BREAKING

किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा: डा. एहतेशाम।Tahalka Samvad

Tahalka Samvaad

 किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा: डा. एहतेशाम



नेफ्रोलॉजिस्ट ने कहा— किडनी के प्रति जागरूकता अति आवश्यक

अपील: लापरवाही नहीं, जागरूकता अपनायें और किडनी को स्वस्थ बनायें


जौनपुर। वर्तमान की बदलती जीवनशैली, खान—पान में लापरवाही, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और शारीरिक गतिविधियों की कमी के चलते किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा अत्यधिक बढ़ रहा है। किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है जो रक्त को साफ करने, शरीर से विषैले पदार्थों और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने तथा शरीर में खनिजों का संतुलन बनाये रखने में अहम भूमिका निभाती है, इसलिये किडनी की सेहत के प्रति जागरूक रहना प्रत्येक व्यक्ति के लिये अति आवश्यक है।

उक्त बातें गुर्दा रोग विशेषज्ञ डा. एहतेशाम अहमद (एम.एम.बी.एस., एम.डी., डी.एम.) ने पत्र—प्रतिनिधियों से हुई एक भेंट के दौरान कही। साथ ही आगे बताया कि किडनी की बीमारियों से बचाव के लिये जागरूकता और समय पर जांच बेहद जरूरी है। किडनी की बीमारी शुरुआती अवस्था में कई बार स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाती। जब तक मरीज को समस्या का पता चलता है तब तक बीमारी गम्भीर रूप ले सकती है। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच से बीमारी की पहचान समय रहते की जा सकती है।

जनहित में संदेश देते हुये नेफ्रोलॉजिस्ट ने कहा कि किडनी की बीमारी को लेकर डरने के बजाय जागरूक होना जरूरी है। नियमित जांच, स्वस्थ जीवनशैली और समय पर उपचार से किडनी सम्बन्धित कई समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है। लोगों को चाहिये कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा समाज को भी किडनी की सेहत के प्रति जागरूक करें।


खाना, पानी, व्यायाम किडनी को स्वस्थ रखने में सहायक

डा. अहमद के अनुसार मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को अपनी किडनी की सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिये। ऐसे मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार रक्तचाप, ब्लड शुगर, किडनी फंक्शन टेस्ट और पेशाब में प्रोटीन की जांच करानी चाहिये। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित आहार लेना, नमक का सेवन सीमित रखना, नियमित व्यायाम करना एवं वजन नियंत्रित रखना किडनी को स्वस्थ बनाये रखने में सहायक हो सकता है।


दवा के अनावश्यक या अत्यधिक इस्तेमाल से बचें


जौनपुर के किडनी मरीजों के लिये राम बाण साबित होने वाले डा. अहमद ने यह भी बताया कि बिना डाक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाओं का लम्बे समय तक सेवन करना किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिये किसी भी दवा का अनावश्यक या अत्यधिक इस्तेमाल करने से बचना चाहिये। यदि पेशाब में बदलाव, पैरों या चेहरे पर सूजन, लगातार थकान अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखायी दें तो चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिये।


जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज/अस्पताल एवं अलीगढ़ मुस्लिम विवि से हुई पढ़ाई*

जौनपुर नगर के मूल निवासी डा. एहतेशाम ने अपनी उच्च चिकित्सा शिक्षा एवं सीनियर रेजिडेंसी जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज/अस्पताल (JNMCH) एवं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) से पूर्ण की है। खुशी की बात यह है कि कई महानगरों को छोड़कर उन्होंने जौनपुरवासियों के लिये यहीं किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा: डा. एहतेशाम


नेफ्रोलॉजिस्ट ने कहा— किडनी के प्रति जागरूकता अति आवश्यक

अपील: लापरवाही नहीं, जागरूकता अपनायें और किडनी को स्वस्थ बनायें


जौनपुर। वर्तमान की बदलती जीवनशैली, खान—पान में लापरवाही, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और शारीरिक गतिविधियों की कमी के चलते किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा अत्यधिक बढ़ रहा है। किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है जो रक्त को साफ करने, शरीर से विषैले पदार्थों और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने तथा शरीर में खनिजों का संतुलन बनाये रखने में अहम भूमिका निभाती है, इसलिये किडनी की सेहत के प्रति जागरूक रहना प्रत्येक व्यक्ति के लिये अति आवश्यक है।

उक्त बातें गुर्दा रोग विशेषज्ञ डा. एहतेशाम अहमद (एम.एम.बी.एस., एम.डी., डी.एम.) ने पत्र—प्रतिनिधियों से हुई एक भेंट के दौरान कही। साथ ही आगे बताया कि किडनी की बीमारियों से बचाव के लिये जागरूकता और समय पर जांच बेहद जरूरी है। किडनी की बीमारी शुरुआती अवस्था में कई बार स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाती। जब तक मरीज को समस्या का पता चलता है तब तक बीमारी गम्भीर रूप ले सकती है। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच से बीमारी की पहचान समय रहते की जा सकती है।

जनहित में संदेश देते हुये नेफ्रोलॉजिस्ट ने कहा कि किडनी की बीमारी को लेकर डरने के बजाय जागरूक होना जरूरी है। नियमित जांच, स्वस्थ जीवनशैली और समय पर उपचार से किडनी सम्बन्धित कई समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है। लोगों को चाहिये कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा समाज को भी किडनी की सेहत के प्रति जागरूक करें।


खाना, पानी, व्यायाम किडनी को स्वस्थ रखने में सहायक

डा. अहमद के अनुसार मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को अपनी किडनी की सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिये। ऐसे मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार रक्तचाप, ब्लड शुगर, किडनी फंक्शन टेस्ट और पेशाब में प्रोटीन की जांच करानी चाहिये। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित आहार लेना, नमक का सेवन सीमित रखना, नियमित व्यायाम करना एवं वजन नियंत्रित रखना किडनी को स्वस्थ बनाये रखने में सहायक हो सकता है।


दवा के अनावश्यक या अत्यधिक इस्तेमाल से बचें


जौनपुर के किडनी मरीजों के लिये राम बाण साबित होने वाले डा. अहमद ने यह भी बताया कि बिना डाक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाओं का लम्बे समय तक सेवन करना किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिये किसी भी दवा का अनावश्यक या अत्यधिक इस्तेमाल करने से बचना चाहिये। यदि पेशाब में बदलाव, पैरों या चेहरे पर सूजन, लगातार थकान अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखायी दें तो चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिये।


जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज/अस्पताल एवं अलीगढ़ मुस्लिम विवि से हुई पढ़ाई*

जौनपुर नगर के मूल निवासी डा. एहतेशाम ने अपनी उच्च चिकित्सा शिक्षा एवं सीनियर रेजिडेंसी जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज/अस्पताल (JNMCH) एवं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) से पूर्ण की है। खुशी की बात यह है कि कई महानगरों को छोड़कर उन्होंने जौनपुरवासियों के लिये यहीं पर सेवा देने का मन बना लिये थे। यही कारण है कि वर्तमान में डा. अहमद नगर के नईगंज में स्थित ट्यूलिप हार्ट एण्ड किडनी सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल में सेवा दे रहे हैं। सेवा देने का मन बना लिये थे। यही कारण है कि वर्तमान में डा. अहमद नगर के नईगंज में स्थित ट्यूलिप हार्ट एण्ड किडनी सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल में सेवा दे रहे हैं।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!