BREAKING

नशे का कारोबार: यहां अरसे से 'कोडीन सिरप' जैसी नशीली दवा का गढ़ रहा है पूर्वांचल का वाराणसी! Tahalka Samvad

Tahalka Samvaad


 नशे का कारोबार: यहां अरसे से 'कोडीन सिरप' जैसी नशीली दवा का गढ़ रहा है पूर्वांचल का वाराणसी! 


----------------------------------------

कैलाश सिंह/संतोष कुमार सिंह

विशेष संवाददाता/चीफ रिपोर्टर

----------------------------------------

-कोडीन सिरप के कारोबार में अवैध डायवर्जन और गंभीर अनियमितताओं का सिलसिला पूर्वांचल में तो वर्षों से चल रहा हैl कूटरचित बिलिंग का ही कमाल है कि बिल कटेगा पश्चिम बंगाल के नाम और सप्लाई पहुंचती है जौनपुर की दवा मण्डी मेंl इसमें एक प्रमुख ड्रग कारोबारी का 'एक फीसदी कट' अलग निकाला जाता है,तहलका टीम ने पिछले महीनों ऐसे कफ सिरप पर रिपोर्ट भी छापी थीl

----------------------------------------

लखनऊ/ वाराणसी/जौनपुर, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l इस हफ़्ते चार दिन से उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में कोडीन सिरप की बढ़ी मांग, उसके डायवर्जन को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की सक्रियता से मेडिकल एजेंसियों पर हो रही छापेमारी ने दवा कारोबारियों में अफरातफरी मचा दी हैl उसी के तहत जौनपुर में बीते दिवस एक दर्जन कथित कारोबारियों की गिरफ्तारी तो हो गई लेकिन कोडीन सिरप की बजाय बिलिंग में करोड़ों की अनियमितता का दावा ड्रग इंस्पेक्टर ने मीडिया के लाइव कवरेज में किया हैl जांच जारी है, अभी नमूने नहीं मिले हैंl


 इसकी शुरुआत लखनऊ में पिछले महीने 10 अक्टूबर को कोडीन सिरप की बड़ी खेप पकड़ में आने से हुई थीl यहां खुलासे के बाद स्पष्ट हुआ कि इस सिरप का प्रयोग नशे के लिए अधिक हो रहा हैl इसकी आपूर्ति फर्जी लाइसेंस से होने की भी आशंका बढ़ी हैl जबकि वाराणसी में इसी महीने पांच दिन पूर्व 'लगभग सौ करोड़ की 84 लाख फेन्साडील' की विक्री बिलिंग पकड़ी गई थीl इसमें 26 दुकानों पर एफ आई आर दर्ज हुईl जौनपुर का लेखाजोखा खबर के साथ संलग्न वीडियो में मिलेगाl


दरअसल खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफ एस डी ए) की आयुक्त डॉ रौशन जैकब के मुताबिक वाराणसी, लखनऊ, आगरा और कानपुर मण्डलों में हुई जांच में मिले इनपुट के बाद प्रदेश के हर जिले में जांच कराई जा रही हैl इसी के तहत पूर्वांचल के सभी जिलों में 'एफएसडीए' की टीम जांच में लगी हैl जौनपुर में 15 दवा एजेंसियों के संचालकों के पास से 42.5 करोड़ के घपले बिलिंग झोल में मिले हैंl यहां सबकुछ मिला पर कोडीन सिरप की एक शीशी अभी तक नहीं बरामद हो सकीl


कोडीन युक्त सिरप दरअसल खांसी या क्षय आदि रोगियों के उपचार में आने वाले सिरप जैसे- 'कोरक्स टी, अस्कोरिल सी, टॉसेक्स और कोडी स्टार' में कोडीन की मात्रा अधिक होने से इसकी मांग नशेड़ियों में अधिक है,फेन्साडील तो वर्षों से नशेड़ियों की पसंद में नम्बर एक पर रही हैl अब इसे 'फेन्साडील डी एक्स' के नाम से जाना जाता हैl हालांकि इसमें कोडीन की मात्रा घटाई गई बताई जाती हैl 


बिलिंग का खेल वाराणसी मंडी में होता है: विभागीय सूत्रों की मानें तो कोडीन युक्त सिरप के कारोबार में पूर्वांचल के सभी जिलों में होड़ रहती है लेकिन जौनपुर नम्बर एक पर टक्कर देता रहा हैl यहां शहर के पूर्वी छोर पर ट्रकों से माल उतरता रहा हैl यहां के नशेड़ियों की पहली पसन्द 'फेन्साडील' रहा है, इनमें से कुछ नशेड़ी तो आयोडेक्स को ब्रेड में चटनी की तरह लगाकर खाने से नहीं हिचकते हैंl पांच साल पूर्व दवा से जुड़े संगठन के एक पदाधिकारी ने कोडीन सिरप की सप्लाई में अड़चनों को दूर करने की एवज में अपनी हिस्सेदारी प्रति पीस एक रुपये कर दी थीl इसे लेकर इन अवैध कारोबारियों में कुछ दिनों तक असन्तोष भी रहा थाl आखिर सभी मान गए, क्योंकि उसकी पहुँच सत्ता तक भी है और वह बड़ा भू- माफिया भी हैl


बिहार के रास्ते पश्चिम बंगाल तक होती है सप्लाई: कोडीन सिरप के मामले में सूत्र बताते हैं कि दवा के कुछ खास कारोबारी अंधेरी रात में माल मंगाते रहे हैंl बिलिंग बंगाल की संस्था के नाम वाराणसी में बनता है और सप्लाई जौनपुर समेत पूर्वांचल में होती रही हैl बाद के वर्षों में कोडीन सिरप की डिमांड बांग्लादेशी घुसपैठियों में ज्यादा होने से उसके दाम भी बढ़ गए और इसी के साथ नकली सिरप की भरमार होती गईl


जौनपुर में तमाम निजी अस्पताल संचालकों की दवा कम्पनियाँ भी हैं: कोरोना काल में नर्सिंगहोम संचालकों ने अपनी कम्पनियों में निर्मित हैंडवॉश व अन्य दवाएं मनमाने दाम पर बेचीl यहां 'आपदा को अवसर में तब्दील' करने वाले आधा दर्जन निजी चिकित्सक हर 'आम व खास' की नजर में चढ़ गएl इनमें सिटी स्टेशन रोड का अस्पताल तो नम्बर एक पर थाl इसके यहां भर्ती 'एक पत्रकार व एमआर' का मामला सुर्खियों में आया थाl जौनपुर जंक्शन के पास तीन अस्पताल और नईगंज के भी तीन अस्पताल खासे कुख्यात हुए थेl इनके यहां आज भी निजी एमआरपी की 10 रुपये वाली एक पत्ते की दवाएं  150 में बिक रही हैंl इनकी नकल में अधिकतर नरसिंहोम भी उसी राह पर चल रहे हैंl पब्लिक लुट रही है और स्वास्थ्य महकमा अपने 'कट' पर संतुष्ट हैl

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!