आगजनी: बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में 'आग' कहीं, बड़ी साजिश तो नहीं!
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कैलाश सिंह-
राजनीतिक संपादक
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(स्वामी चिन्मयानंद की बेबाक टिप्पणी)
-ढाका में दो मीडिया सेंटर के भवनों में बाहर से ताला जड़कर
लगाई गई आग, आरोप भारत पर मढ़ रहा बांग्लादेश, भारतीय दूतावास व वीजा केंद्रों को बनाया जा रहा निशानाl
-कोलकाता में झुग्गी-झोपड़ी वाली बस्ती जलकर खाक हुई, इसमें अधिकतर बांग्लादेशी घुसपैठियों के रहने को लेकर भाजपा और टीएमसी में गरमाई सियासतl
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कोलकाता, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l जब से बांग्लादेश में मो. युनुस की सरकार है तब से यह देश आशांत हैl पाकिस्तान का सर्वेसर्वा बना आसिम मुनीर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के इशारे पर जहां 'गाजा' में किराये पर सेना भेजने को उतावला है, वहीं उसकी ही सेना और नागरिक उसके खिलाफ विद्रोह पर आमादा हैंl इधर बांग्लादेश में चल रहे उपद्रव के बाबजूद मो. युनुस पाकिस्तान से नजदीकी बढ़ाने को लालायित हैl बांग्लादेश की राजधानी ढाका में पिछले दिनों दो मीडिया सेंटर के भवनों में बाहर से ताला जड़कर आग लगा दी गई और इस आगजनी व उपद्रव के लिए भारत पर आरोप मढ़े जा रहे हैंl जबकि भारतीय दूतावास और वीजा केंद्रों पर हमले भी लगातार बढ़े हैंl दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में आग की लपटों के बीच सियासी तापमान भी ऊंचाई नापने लगा हैl यहां कोलकाता के निकट एक झुग्गी- झोपडी़ वाली बस्ती जलकर खाक हो गईl सीएम ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के नेता और भाजपा नेता एक- दूसरे पर लगा रहे हैंl इसके चलते पश्चिम बंगाल में सियासी सरगर्मी बढ़ गई हैl इन घटनाओं में किसकी साजिश है? और किन देशों का इसमें क्या फायदा है? इस ज्वलंत मुद्दे पर देश के पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मन्त्री स्वामी चिन्मयानंद ने 'तहलका संवाद' से बातचीत में बेबाक टिप्पणी की हैl
विदित हो कि पांच अगस्त 2024 को बांग्लादेश में तख्ता पलट के दौरान अपनी जान बचाकर भारत पहुंचीं वहां की पीएम शेख हसीना के प्रत्यर्पण के लिए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मो. युनुस अरसे से छटपटा रहे हैंl उनके यहां की कोर्ट ने शेख हसीना को तमाम सजा के साथ फांसी देने का फैसला भी कर दिया हैl इतना ही नहीं, उनकी पार्टी के चुनावों में हिस्सा लेने पर भी प्रतिबन्ध लगा दिया हैl मो. युनुस भारत की दियानतदारी को दरकिनार करते हुए उस पाकिस्तान से गलबहियां में लगे हैं जो खुद दाने- दाने को मोहताज हैंl वहां का सर्वेसर्वा बना आसिम मुनीर अब जो करने जा रहा है, यानी 'गाजा' में शांति के नाम पर अपनी सेना को किराये पर भेजने जा रहा हैl इसे लेकर पाकिस्तान में विद्रोह जैसी स्थिति नज़र आने लगी हैl वह मुनीर बांग्लादेश का क्या भला करेगा?
बांग्लादेश में कथित स्टूडेंट लीडर उस्मान अली को मारी गई गोली: स्वामी चिन्मयानंद कहते हैं कि एक नकाबपोश जाकर बांग्लादेश के कथित स्टूडेंट लीडर को सिर में गोली मार देता है, जिससे वह इलाज़ के दौरान दम तोड़ देता हैl उसकी मौत की तोहमत भारत पर लगाकर वहां के अराजक तत्वों ने ढाका में दो मीडिया केंद्रों के भवनों में बाहर से ताला जड़कर आग लगा दीl ताला लगाने का मकसद भी साफ़ था कि उन भवनों में जो भी पत्रकार थे उनका भी जलकर मरना तय कर दिया थाl जबकि यही मीडिया शेख हसीना के तख्ता पलट के दौरान उन्हीं कथित छात्र आंदोलन कर्ताओं के साथ थाl सवाल यह भी है कि इन घटनाओं से भारत का क्या लेनादेना है? फ़िर भी आरोप यह लगाया जा रहा है कि यहां हो रहे उपद्रव भारत करवा रहा हैl भारतीय दूतावास व वीजा केंद्रों पर हमले हो रहे हैंl जबकि उनके खुद के दूतावास दिल्ली में हैंl
कोलकाता की झुग्गी बस्ती में लगी आग कहीं साजिशन आगजनी तो नहीं? जिस हजारों झुग्गी -झोपड़ी वाली बस्ती जलकर खाक हुई है,उसे लेकर पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी दल टीएमसी और विपक्षी भाजपा में जारी आरोप -प्रत्यारोप से माहौल काफी सरगर्म हो गया हैl सियासी सूत्रों के मुताबिक भाजपा को आशंका है कि इस बस्ती में सर्वाधिक बांग्लादेशी घुसपैठिये रहते थेl देश में चल रहे 'एसआईआर' के चलते इनमें काफी तो अपने वतन लौट गए लेकिन जो बचे हैं उनके जाली दस्तावेज खाक होना बताकर ममता बनर्जी की सरकार फ़िर से वोटर बनाने की कोशिश में हैl दूसरी ओर टीएमसी नेताओं का कहना है कि हमारे तमाम समर्थकों के वोट बांग्लादेशी घुसपैठिये बताकर काटे जा रहे हैंl ध्यान देने की बात यह है कि पश्चिम बंगाल में 58 लाख से अधिक वोटर गहन मतदाता पुनरीक्षण में कटे हैं, जिनमें मृत व्यक्तियों और दूसरे शहरों में जाने वाले तथा बांग्लादेशी घुसपैठिये भी शामिल हैंl इस तरह बांग्लादेश की राजधानी ढाका में मीडिया के भवन और पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता की बस्ती में 'अगलगी है अथवा आगजनी' के बीच सवालों के साथ साजिश झूल रही हैl
मो. युनुस से किसके हैं नजदीकी सम्बन्ध? कौन नहीं चाहता कि बांग्लादेश से भारत के सम्बन्ध फ़िर बनें? चिकन नेक गलियारे पर किन देशों की है नज़र? इन सवालों के जवाब पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मन्त्री स्वामी चिन्मयानंद ने एक साथ बेबाकी से दियाl उनका कहना है कि दक्षिण एशिया में भारत के बढ़ते प्रभुत्व और पीएम नरेंद्र मोदी की बेहतरीन कूटनीति का असर ये है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के अलावा हर देश भारत का समर्थक बन चुका हैl अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीन के भी हथियार पाकिस्तान के हवाई अड्डे और आतंकी ठिकाने तबाह होने से नहीं बचा सकेl उन्हें इसकी कसक साल रही हैl रहा सवाल मो. युनुस को बांग्लादेश पर थोपने का तो वह अमेरिकी 'शह' का नतीजा हैंl युनुस के अमेरिकी सम्बन्ध वाईडेन के समय से हैंl बांग्लादेश में तख्ता पलट के दौरान से हो रहे उपद्रव में पाकिस्तानी आतताइयों की अग्रणी भूमिका है, जो निरंतर चल रही हैl वे नहीं चाहते कि बांग्लादेश की भारत से नजदीकी बढ़ेl दोनों देशों के बीच 'चिकन नेक गलियारा' जिसपर भारत काबिज हैl उसपर 'अमेरिका और चीन' की भी नज़र हैl क्योंकि वे इसी के जरिये भारत के पूर्वोत्तर वाले राज्यों को उससे अलग करने की मंशा पाले हैंl




