यूपी में नशे का अंतर्राष्ट्रीय धंधा: कोडीन कफ़ सिरप की जांच हुई राजनीति की शिकार!
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कैलाश सिंह
विशेष संवाददाता
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-मध्य प्रदेश में नवजात शिशुओं की कफ़ सिरप के चलते हुई कथित मौत के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ यूपी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त की जांच में नशे के 'कोडीन कफ़ सिरप' वाले अंतर्राष्ट्रीय किंतु अवैध कारोबार का हुआ भंडाफोड़l
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जौनपुर/लखनऊ/वाराणसी, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त रोशन जैकब को 'कोडीन कफ़ सिरप' की बढ़ती खपत को लेकर जब संदेह हुआ तो उन्होंने विशेष टीम लगाकर बीते अक्टूबर महीने में राजधानी लखनऊ के कुछ स्थानों पर जांच कराई जिसमें 'डिमांड और आपूर्ति' की बिलिंग बेमेल साबित हुईं, यानी धरातल पर कुछ और कागजों पर कुछ और मिलाl इस दौरान ही इसकी भारी मात्रा में अंतर्राज्जीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तस्करी की पुष्टि के साथ सबसे बड़ा गढ़ वाराणसी भी निकलाl जांच में इसकी परत- दर- परत तब खुलने लगी जब आयुक्त के आदेश पर प्रदेश के हर जिले में ड्रग इंस्पेक्टर अपनी टीम लेकर जांच में उतर गएl अकेले जौनपुर और वाराणसी में पहले ही चक्र में दर्जनों फर्मों के खिलाफ प्रथमिकी दर्ज हुई तो इस नशे के धंधे से जुड़े कागज के शेर मैदान छोड़ने लगेl
पूर्वांचल के मुख्य सरगना शुभम जायसवाल के दुबई भागने की खबर भी जंगल में आग सरीखे फैलने लगीl इस बीच उसके पिता भोला नाथ जायसवाल को देश छोड़ते समय कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया गयाl सोमवार 22 दिसम्बर को उनकी पेशी जौनपुर की कोर्ट में हुईl इसके बाद उन्हें पुलिस रिमांड पर जेल भेज दिया गयाl
इस तरह कोडीन कफ़ सिरप पर चढ़ा राजनीतिक रंग: कोडीन कफ़ सिरप की जांच जब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के हर जिले में शुरू हुई तो जाहिर है विभाग ने इसका संज्ञान सरकार और मुख्यमंत्री को भी दिया होगा तभी तो जांच में पुलिस के अलावा एसआईटी, एसटीएफ के अलावा धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) का अंदेशा होते ही ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की टीम भी मैदान आ गईl इस टीम ने पिछले हफ़्ते देश के कई शहरों के दो दर्जन से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापे मारेl इनमें जौनपुर के तीन ठिकाने शामिल थे, जिनमें एक फर्म से 17 करोड़ से अधिक लेनदेन के दस्तावेज जब्त किये जाने की खबर भी अफवाहों का रूप ले लीl इसके कथित सरगना व बड़े कोडीन माफिया द्वारा जिन एजेंसियों से महंगी गाड़ियों को फर्मों के नाम खरीदकर अपने आकाओं को गिफ्ट की गई थीं उसकी पड़ताल भी ईडी बारीकी से कर रही हैl
इसी दौरान सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने सत्ताधारी दल भाजपा और खासकर सीएम योगी आदित्यनाथ को जौनपुर के एक 'माननीय' के बहाने घेरने के लिए अपनी पार्टी के नेताओं सहित बयान देना शुरू कर दियाl इस तरह सड़क से शुरू हुई ये बयानबाज़ी विधानसभा के सदन में बहस का मुद्दा बनकर उभरीl सवाल - जवाब में पक्ष- विपक्ष के रूप में सीएम योगी आदित्यनाथ पूर्व सीएम अखिलेश यादव के सवाल का जवाब तथ्यों के साथ देते नज़र आयेl
सीएम ने कहा: कोडीन कफ सिरप को नशे के अवैध धंधे में शामिल कर विदेशों में भेजने वाले तस्कर भी नहीं बख्शे जाएंगेl उन्होंने सपा लोहिया वाहिनी के एक नेता के शामिल होने की जानकारी भी दी और कहा कि बुलडोजर भी इन अपराधियों पर चलेगा लेकिन पुख्ता कार्रवाई जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद होगीl उन्होंने कहा, विपक्ष का मुद्दा नकली दवाओं से होने वाली मौतों और कोडीन कफ़ सिरप का उठा हैl यूपी में किसी मौत की पुष्टि नहीं हैl रहा सवाल कोडीन कफ़ सिरप का तो यहाँ प्रोडक्शन नहीं होता हैl कम्पनियाँ दूसरे राज्यों की हैंl यहां केवल स्टाकिस्ट व होलसेलर हैंl जांच में जो तथ्य अभी तक मिले हैं इसमें 'इनलीगल डायवर्जन' का मामला सामने आया हैl इसमें सहारनपुर, गजियाबाद, लखनऊ, कानपुर और वाराणसी के थोक विक्रेताओं द्वारा उन देशों में कोडीन कफ़ सिरप पहुंचाई गई जहां मद्य निषेध हैl और वहां के लोग ऐसे कफ़ सिरप का सेवन नशे के लिए करते हैंl अब तक 79 अभियोग दर्ज हुए हैंl 225 अभियुक्त नामजद हैं और उनमें 78 की गिरफ्तारी हो चुकी हैl अब तक 134 फर्मों पर छापे पड़े हैंl इस तरह जांच अपने ट्रैक पर चल रही है लेकिन इसमें राजनीतिक दखल ने अलग 'नेरेटिव' बनाने का रास्ता खोलकर इसकी दिशा मोड़ दी हैl
पांच साल पूर्व भी लाखों की कोडीन कफ़ सिरप पकड़ी गई थी: तहलका संवाद टीम ने पिछले खबर में पांच साल पूर्व लाखों की कोडीन कफ़ सिरप के पकड़े जाने और मामले रफादफा करने का जिक्र किया हैl पूर्वांचल के स्तर पर यह अवैध कारोबार एक दशक पूर्व से चल रहा थाl इसमें उछाल तब आया जब मद्य निषेध वाले राज्यों, देशों में इसकी बढ़ती मांग ने तस्करी का रूप ले लियाl मामला उछला तब नेताओं के बयान पर कुछ मीडिया संस्थानों ने इसे 'जहरीली कफ़ सिरप' का नाम दे दिया थाl ,,, क्रमशः

