BREAKING

पश्चिम बंगाल में सियासी दबंगई: फ़ाइल लेकर भागी सरकार को लगी सुप्रीम फटकार! Tahalka Samvad

Tahalka Samvaad


 पश्चिम बंगाल में सियासी दबंगई: फ़ाइल लेकर भागी सरकार को लगी सुप्रीम फटकार! 

----------------------------------------

कैलाश सिंह-

राजनीतिक संपादक

----------------------------------------

-एक तो चोरी दूजे सीनाजोरी: पिछले हफ़्ते आठ जनवरी को कोयला घोटाले में 20 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 'आई पैक' के कई ठिकानों पर ईडी ने रेड की, कोलकाता में छापे के दौरान सीएम ममता बनर्जी पहुंचकर इलेक्ट्रानिक डिवाइस व फाइलें लेकर निकल गईं, यह देश की पहली ऐसी घटना है जो किसी राज्य में सियासत की दबंगई को दर्शाती हैl

----------------------------------------

दिल्ली/कोलकाता, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l नये साल 2026 के दूसरे हफ़्ते के पहले दिन यानी आठ जनवरी की दोपहर लगभग 12 बजे पश्चिम बंगाल में जो 'सियासी तमाशा' यहां की मुख्यमन्त्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने किया उसे समूचा देश देखकर दंग रह गयाl उन्होंने जिस चुनाव संस्था 'आई पैक' को वर्ष 2021 से हायर किया था उसके मुखिया प्रतीक जैन के दफ़्तर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने दिल्ली, कोलकाता समेत कई ठिकानों पर रेड की थीl श्रीमती बनर्जी ने ईडी टीम से जबरन फाइलें और इलेक्ट्रानिक डिवाइस छीनकर दफ़्तर के बाहर माइक लगाकर मामले को सियासी रंग देने वाले बयान भी दिएl बताया कि वह पार्टी की मुखिया के तौर पर यहां आईं थीं, क्योंकि भाजपा के इशारे पर ईडी ने छापा मारा और हमारी पार्टी की चुनावी रणनीति चुराने की कोशिश थी,लेकिन इसे वह उच्च न्यायालय में साबित नहीं कर पाईंl इस घटना के हफ़्ते भर बाद गुरुवार को उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जो झटके लगे उससे यही महसूस होने लगा है कि कहीं,'ममता बनर्जी भी अरविंद केजरीवाल' की तरह कानून के शिकंजे में तो नहीं फंस चुकीं हैं! 



 ईडी की रेड का था ये मकसद: कोलकाता में भी कोयला घोटाले में हुए धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में छापे की कार्रवाई सुबह लगभग छह बजे से चल रही थी, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे अचानक डीजीपी को साथ लेकर पहुंचीं सीएम ममता बनर्जी ने जिस तरह केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी के कार्य में दखल देकर फ़ाइलें और इलेक्ट्रानिक डिवाइस छीनकर उल्टे ईडी पर ही एफआईआर दर्ज करके अपने राज्य की पुलिस से जांच शुरू करा दी, उसे सियासी दबंगई नहीं तो क्या कहा जा सकता है! कोलकाता हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान भी अपनी पार्टी टीएमसी के कथित नेताओं, कार्यकर्ताओं के जरिए व्यवधान डाला और प्रदेश भर में भाजपा व ईडी के खिलाफ प्रदर्शन भी करायाl इधर ईडी सुप्रीम कोर्ट पहुँच गई, जहां उसके द्वारा प्रस्तुत सुबूत के सामने उनकी तरफ़ से दी गई दलील धराशाई होती नज़र आईl 


ममता बनर्जी का दांव उन्हीं पर भारी पड़ा: कोर्ट की बात तो दूर आमजन के सवालों का भी जवाब ममता बनर्जी के पास नहीं हैl सवाल यह कि जब किसी राजनीतिक दल का मुखिया कहीं जाता है तो क्या उसके साथ उस राज्य का डीजीपी होता है? क्या देश की आजादी के बाद इनसे पहले किसी मुख्यमन्त्री ने केंद्रीय एजेंसी के कार्य में दखल दिया है? इस सवाल का जवाब तो यही है की श्रीमती बनर्जी ने पिछले वर्षों में सीबीआई ( केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) से झड़प करने के बाद एजेंसी के विरोध में धरना- प्रदर्शन करके खुद अपने इतिहास को दोहराया हैl जिस 'आई पैक' के दफ़्तर में जाकर उन्होंने ईडी के काम में दखल दी थी क्या वह उनका पार्टी दफ़्तर है? राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो एसआईआर से तिलमिलाईं ममता बनर्जी ने इस बार भी अपने पुराने 'हथियार धरना- प्रदर्शन' का प्रयोग तो किया लेकिन आठ जनवरी को उनके द्वारा किए गए क्रिया कलाप ने उस घटना पर सियासी कलई नहीं चढ़ने दीl सुप्रीम कोर्ट में उनकी तरफ़ से दी गई दलील को भी ठोस ज़मीन नहीं मिल रहीl अगली सुनवाई तीन फरवरी को है लेकिन तब तक भी इनके लिए जवाब तलाशना हथेली पर सरसों उगाने सरीखा नज़र आ रहा हैl


सुप्रीम कोर्ट से मिले ये झटके: कोर्ट ने ममता बनर्जी और उनकी सरकार को नोटिस जारी करके ईडी के कार्य में दखल देने का जवाब मांगा हैl इसी तरह ईडी के खिलाफ पश्चिम बंगाल में दर्ज हुई एफआईआर और जांच पर रोक लगा दी गईl यह भी कहा कि ईडी के काम में दखल देना गम्भीर मामला हैl कोर्ट ने ईडी के छापे से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज और डिवाइस को सुरक्षित रखने को कहा हैl यह भी कहा कि राजनीतिक पार्टी के नाम पर केंद्रीय जांच एजेंसी के काम में दखल देना कहां तक उचित हैl दूसरी तरफ़ ईडी ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि पश्चिम बंगाल के डीजीपी को हटाया जाए और इस समूचे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराई जाएl यदि ईडी की मांग को कोर्ट ने जायज माना तो ममता बनर्जी भी दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की तरह गिरफ्तार होकर जेल जाएं तो हैरत नहीं होनी चाहिएl इससे पूर्व कोलकाता हाई कोर्ट ने भी टीएमसी की याचिका खारिज कर दी जिसमें मांग की गई थी कि ईडी ने पार्टी का डेटा जब्त कर लिया हैl क्रमशः

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!