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एआई जेनरेटेड तस्वीरों पर बवाल: वाराणसी का मणिकर्णिका घाट बना राजनीतिक कुरुक्षेत्र! Tahalka Samvad

Tahalka Samvaad

 एआई जेनरेटेड तस्वीरों पर बवाल: वाराणसी का मणिकर्णिका घाट बना राजनीतिक कुरुक्षेत्र! 


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कैलाश सिंह-

राजनीतिक संपादक

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-पीएम सिटी वाराणसी: डोम राजा विश्वनाथ चौधरी की मांग पर मणिकर्णिका घाट की मरम्मत के लिए 2023 में पास हुआ 50 करोड़ का प्रोजेक्ट, 35 करोड़ अवमुक्त होते ही काम शुरू हुआ तो विपक्षी पार्टियां 'एआई जेनरेटेड' तस्वीरों के जरिए भाजपा पर ही मन्दिर तोड़ने की तोहमत लगाकर बवाल काटने लगींl

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वाराणसी/लखनऊ, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l काशी में मुक्ति पाने के लिए आज भी कुछ लोग अपने वृद्ध परिजनों को लेकर यहां महीनों, सालों निवास करते हैं ताकि यहां उनका प्राण छूटने पर उन्हें इस फ़ानी दुनिया के चक्र से मुक्ति मिल जाएगीl इसी काशी का ऐतिहासिक मुक्ति स्थल 'मणिकर्णिका घाट' इन दिनों राजनीतिक दलों के लिए महाभारत का कुरुक्षेत्र बन गया हैl यहां चल रहे मरम्मत कार्य के दौरान 'कुम्भा महादेव' मन्दिर की कुछ कलाकृतियां क्या टूट गईं, विपक्षी पार्टियों के लोग 'आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस' यानी एआई जेनरेटेड तस्वीरों के जरिए पूरा मन्दिर तोड़े जाने की तोहमत सनातन संस्कृति के ध्वज वाहकों मोदी और योगी पर मढ़ना शुरू कर दियाl जबकि किसी भी मरम्मत कार्य में टूटफूट होती ही हैl यहां मन्दिर की टूटी कलाकृतियों को प्रशासन संरक्षित करता चल रहा है, जिसे पुनः यथावत स्थापित किया जाएगाl इस समूचे प्रकरण की पड़ताल 'तहलका संवाद' टीम के दो मुख्य संवाददाता संतोष कुमार सिंह, प्रशांत त्रिपाठी ने की है, जिसे इस रिपोर्ट में शामिल किया गया हैl




मणिकर्णिका घाट पर बनाए जा रहे दो मन्जिला प्लेटफार्म: सनातन संस्कृति के मद्देनज़र दुनिया में प्रख्यात धार्मिक नगरी काशी के मणिकर्णिका 'श्मशान घाट' जहां मशाने की होली आज भी खेली जाती हैl वहां अमूमन हर साल मानसून के समय 'गंगाजल' की लहरें बाबा विश्वनाथ को स्पर्श करने को मचलती हैंl इस दौरान मणिकर्णिका घाट भी तैरता हुआ नज़र आता हैl ऐसे में शवों का दाह संस्कार करना कठिन हो जाता हैl इसी समस्या का निदान पाने के लिए डोम राजा विश्वनाथ चौधरी की मांग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2023 में 50 करोड़ से अधिक के इस प्रोजेक्ट को स्वीकृति दिलाईl इसमें 35 करोड़ रुपये जारी होते ही मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू हो गयाl इसके तहत यहां जो दो मन्जिला प्लेटफार्म बन रहा है, उनमें 18 और 19 यानी तीन दर्जन से अधिक शवों को एक साथ जलाया जा सकेगाl साथ में बड़ी चिमनियां बनेंगी जिसके जरिए धुएं के साथ उड़ने वाली राख भी  लोगों के घरों की बजाय ऊपर चली जाएंगीl पूरा प्रोजेक्ट करीब 90 हज़ार स्क्वायर फीट का बताया जाता हैl यहां दाह संस्कार के बाद स्नान करने वालों के लिए कपड़ा चेन्जिंग रूम और वेटिंग एरिया का भी निर्माण होगाl


मणिकर्णिका घाट के रेनोवेशन की हिस्ट्री: सबसे पहले वर्ष 1302-3 में इस घाट को पत्थरों से पक्का कराया गयाl इसके बाद 1730 में बाजीराव पेशवा के दौर में इस घाट की मरम्मत का काम किया गयाl वर्ष 1791 और 1872 में माता अहिल्या बाई होल्कर ने इस घाट का दो बार सुंदरीकरण करायाl इसके बाद साल 1965 में तत्कालीन यूपी कांग्रेस सरकार ने मणिकर्णिका घाट की मरम्मत का कार्य करायाl अब छह दशक बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने डोम राजा विश्वनाथ चौधरी की अपील पर 2023 में इस बड़े प्रोजेक्ट को लांच कियाl वाराणसी उनका लोकसभा क्षेत्र भी है, लिहाजा यहां की समस्या निदान पर वह हमेशा नज़र रखते हैं, लेकिन विपक्षी दल उन्हें ही हिंदू विरोधी साबित करने में जुट गए हैंl


झूठ पर सीएम योगी आदित्यनाथ की सख्ती: कुंभा महादेव मन्दिर तोड़ने की एआई जेनरेटेड झूठी तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया पर कोहराम मचाने वालों पर सीएम योगी आदित्यनाथ की सख्ती से राजनीतिक कुरुक्षेत्र पर तुषारापात होने लगा हैl सपा, आप और कांग्रेस नेता भाजपा और मोदी को मन्दिर तोड़े जाने के बहाने हिंदू विरोधी साबित करने में जुटे हैंl क्रमशः

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