माफ़िया का बदलता स्वरूप: दो चिकित्सक अपने ही संबंधियों की जमीन पर कब्जा करने में जुटे!
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के एन सिंह/संतोष कुमार सिंह
कन्सल्टेंट एडिटर/चीफ रिपोर्टर
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-मुंबई के नरीमन प्वाइंट इलाका सरीखे हो चुके जौनपुर के वाजिदपुर की झील में 'दो भू- माफ़िया चिकित्सक' सरकारी और गैरों के बाद अब बिच्छू की तरह अपने ही रिश्तेदारों को निगलने में लगे हैंl दोनों सड़क के पूरब और पश्चिम में उन नालों की ज़मीन पर बहुमन्जिले भवन में अस्पताल खोले हैं जिसका नक्शा ही नहीं पास हो सकता हैl क्योंकि यही नाले शहर को बाढ़ग्रत होने से बचाते हैंl अब तो दशकों से गोमती नदी ही पानी को तरस रही है और वह खुद भू- माफ़िया का शिकार हो रही हैl
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जौनपुर/वाराणसी, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l अरसे बाद शुरू हुए 'माफ़िया के बदलते स्वरूप' वाले इस एपिसोड में जिन दो चिकित्सकों का जिक्र किया जा रहा है उनमें एक गोरखपुर- प्रयागराज हाईवे के पश्चिमी और दूसरा पूर्वी छोर की उस ज़मीन पर बहुमंजिले व्यावसायिक भवन प्रशासन की मेहरबानी से बनाए हैं जिसका नक्शा ही नहीं पास हो सकता हैl क्योंकि यहां की ज़मीन चाँदमारी से लेकर गोमती किनारे तक राजस्व दस्तावेज में पार्क या खुले स्थान के नाम से दर्ज हैl यहां की सभी नम्बरों वाली ज़मीन भले ही उन कथित किसानों या कब्जेदारों की है लेकिन उसकी 'नवैयत' भवन बनाने के लिए योग्य नहीं हैl अलबत्ता इसपर खेती ही की जा सकती है, वह भी अधिक पानी वाली खेतीl लेकिन यहां होटल, दुकान, मकान रूपी कंक्रीट की खेती करने वाले हर साल करोड़ों पीटकर उसमें से कुछ राशि का टेप प्रशासन के मुंह पर चिपकाते हुए उन किसानों को मुंह चिढ़ा रहे हैं जो वास्तविक फसलों को लेकर तबाह रहते हैंl
झील में कब्जे का दायरा बढ़ाने वाला एनाकोंडा चिकित्सक का भोजन है ज़मीन: वैसे तो शहर के अधिकतर डॉक्टर विवादित ज़मीनों पर गोल्ड माफ़िया की तरह गिद्ध नज़र गड़ाए रहते हैंl इनमें कोई चमड़ी का इलाज करता है तो कोई बच्चों काl कुछ तो इज्जत से खेलकर रकम भी लूटते हैंl नईगंज में दो डॉक्टर ऐसे हैं जो वाराणसी- लखनऊ मार्ग की पटरी को वाहन स्टैंड के बहाने कब्जा किये हैंl इसके लिए वह ट्रैफ़िक पुलिस को कीमत अदा करते हैंl इन सबका लेखाजोखा 'ऑपरेशन यमराज' वाले एपिसोड में शीघ्र मिलेगाl फिलहाल इन दो चिकित्सकों में हमारी टीम ने जिसकी पड़ताल (कारनामों का स्कैन) किया है वह जेसीज चौराहे से वाजिदपुर तिराहे के बीच पश्चिमी छोर पर काबिज़ हैl वह अपने जिस बहनोई (जीजा) की सात बिस्वा ज़मीन पर इमारत खड़ी करके कब्जा करने में जुटा है उसकी तस्वीर भी साथ में संलग्न हैl कब्जा करने से पूर्व उसने शहर कोतवाली पुलिस प्रशासन का मुंह नोटों से भर दिया हैl जबकि पीड़ित जीजा अरुण कुमार सिंह का दावा है कि उन्होंने अपनी ज़मीन पर हो रहे कब्जे को रोकने के लिए कोतवाली पुलिस को शिकायती पत्र दिया हैl लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही हैl उनका शिकायती पत्र अगले एपिसोड में दिया जाएगाl
शिकारी एनाकोंडा ने केवटों को 'दवा और दारू' पिलाकर शहर के कटघरा में आम- अमरुद का बगीचा उजाड़कर बना लिया कई बीघे में फार्म हाउसl इसमें बड़ा सा सवीमिंग पूल भी बनाया हैl इसी तरह मिर्जापुर रोड पर इसने औने पौने दाम पर चार बीघा जमीन ले रखी हैl बाकी अगली कड़ी में,,,, क्रमशः
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