माफ़िया का बदलता स्वरूप: एनाकोंडा रूपी डॉक्टर बना भू- माफ़िया, अपने ही बहनोई की जमीन निगलने लगा!
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कैलाश सिंह-
विशेष संवाददाता
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-एनाकोंडा का मतलब: प्रयागराज- गोरखपुर फोरलेन पास होने के बाद वाजिदपुर की जलकुंभी से पटी यह झील जिसमें तमाम जल जीव रहते थे, उसमें इस कथित डॉक्टर ने 30 डिस्मिल तलहटी में कंक्रीट के महल खड़े करके इलाज की दुकान और पैरा मेडिकल का स्कूल चला दियाl ऐसा नहीं कि यह दो पैरों वाला अकेला जलजीव है, इसके साथ कई मगरमच्छ भी हैं, जो झील को निगल चुके हैंl सबका लेखाजोखा इस विशेष सीरीज में मिलता रहेगाl
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जौनपुर/वाराणसी/लखनऊ, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l जौनपुर शहर के वाजिदपुर इलाके की जिस झील का हम जिक्र कर रहे हैं, उसका वजूद अस्सी के दशक तक कायम था, जिसमें सई नदी की तरफ़ से आने वाला भैंसा नाला गिरता थाl झील में पानी भर जाने के बाद यह आज के जेसीज चौराहा होते हुए गोमती नदी में गिरता थाl फ़िर भी बाढ़ आने के बाद शहर में मानसून के दौरान नाव चलती थीl इसके कुछ दशक बाद इंसानी जल जीवों (भू- माफ़िया) की बाज़ नज़र पड़ी तो यह झील सिकुड़ने लगी और सरकारी दस्तावेज में पैदा हुए कथित किसानों के लिए यहां की जमीन खुला क्षेत्र के रूप में दर्ज हो गईl इस दौरान लुम्बिनी- दुद्धी मार्ग वाहनों के लिए नाकाफी हुआ तब कांग्रेस के तत्कालीन सांसद स्व. कमला सिंह के प्रयास से बाईपास रोड बना जो आज गोरखपुर- प्रयागराज फोरलेन के रूप में जौनपुर शहर के मध्य से निर्माणाधीन हैl इसी के चलते यह इलाका बेशकीमती यानी मुंबई के नरीमन प्वाइंट को टक्कर देने लगाl
ढाई दशक पूर्व जौनपुर के वाजिदपुर की झील में इस कथित हार्ट स्पेशलिस्ट ने 30 डिस्मिल भूमि उन कथित किसानों से खरीदी जो उस कीचड़ में कभी खेती करने नहीं आते थेl इसमें केवल जलकुंभी ही लहलहाती रही हैl यहां इसने कंक्रीट की खेती करके अस्पताल, पैरामेडिकल कॉलेज भी खोल लियाl इसके बाद इस झील को गिद्ध सरीखे नोचने के लिए तमाम भू - माफ़िया कूद पड़ेl जाहिर है बाद में कुछ सामान्य लोग भी अपना आसियाना बनाने को जमीन खरीदने लगे, उन्हीं में इस कथित डॉक्टर के बहनोई यानी जीजा अरुण कुमार सिंह ने अपने पिता के नाम से सात बिस्वा जमीन रोड से काफी दूर पश्चिम तरफ़ बिल्कुल पीछे शास्त्री नगर से लगी खरीदी थी, लेकिन इस एनाकोंडा रूपी कथित डॉक्टर की नीयत उस जमीन पर फिसल गईl उसने पुलिस - प्रशासन को चांदी- सोने के भस्म वाला कीमती पान खिलाकर मिला लिया और अब उसपर निर्माण शुरू कर दिया हैl
इस कथित डॉक्टर से लड़ने के लिए उसके जीजा का एक बेटा अनुराग सिंह जो जौनपुर दीवानी न्यायालय में अधिवक्ता हैं वह अन्य वकीलों के साथ सामने आयेl इन्होंने सीएम, चीफ सेक्रेटरी, डीजीपी, जिले के अफसरों समेत शिकायतों की भरमार कर दीl उन्हीं शिकायती पत्रों को हम यहां बरबेटम प्रकाशित कर रहे हैं, बाकी अगली कड़ी में,,,,, क्रमशः
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