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पीयू में समथिंग इज रांग: पुरोहित गैंग के दलदल में फंसा है पूर्वांचल विश्वविद्यालय! Tahalka Samvad

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 पीयू में समथिंग इज रांग: पुरोहित गैंग के दलदल में फंसा है पूर्वांचल विश्वविद्यालय! 



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कैलाश सिंह/संतोष कुमार सिंह

विशेष संवाददाता/चीफ़ रिपोर्टर

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-लाइब्रेरी से लेकर हॉस्टल, दारुबाज़ी, अय्याशी, निर्माण व रंगाई कार्यों में घपले समेत तमाम शिकायतों की जांच राजभवन तक हो रहीं पर सुनवाई नहींl मेस में रद्दी भोजन, फेल को पास कराने वाला पुरोहित गैंग एक वीसी की बलि भी ले चुका है फ़िर भी नये वीसी को वह अपने शीशे में उतार ही लेता हैl इस एपिसोड में गैंग के नये करिश्मे मिलेंगेl

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लखनऊ/वाराणसी/जौनपुर, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के बारे में फ्लैश में दी गई जानकारी आंशिक है, लेकिन पिछले एपिसोड्स में यहां के कई करिश्मे प्रकाशित हो चुके हैं लिहाजा उन्हें दोहराने का मतलब नहीं हैl ताज़ी घटनाओं में यहां संविदा पर जिन शिक्षकों की नियुक्ति हुई है उनमें अधिकतर को तकनीकी जानकार माना गया है लेकिन उन्हें कंप्यूटर खोलना और बन्द करना भी नहीं आता हैl यहां किसी भी डीन या विभागाध्यक्ष की 'पोस्टिंग व तबादला' आठ साल पूर्व तक यूपी की सरकारों में 'डीएम और एसपी' की तरह हो रहा हैl हम जिस घटना का जिक्र कर रहे हैं वह तो एकदम अजूबी हैl यहां के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में प्रो. मुराद अली को निर्धारित तिथि से लगभग तीन माह विलम्ब से मिला 'डीन' का पद महज एक पाखवारे में उनका दोष बताए बिना छीन लिया गयाl यानी वह मेडिकल छुट्टी पर हैं और उनको हटाए जाने की चिट्ठी जारी कर दी गईl  उनके स्थान पर जिसे रखा गया है वह पुरोहित गैंग का सक्रिय मेंबर बताया जाता हैl इस खबर के साथ वह दोनों पत्र संलग्न हैं जिसमें नियुक्ति और हटाए जाने का विवरण हैl साथ में एक वीडियो भी संलग्न है जिसमें एक छात्रा द्वारा इस विवि में 'फेल को पास' करने का राजफ़ाश किया जा रहा हैl



तीन साल के लिए हुई नियुक्ति एक पाखवारे में निरस्त: पूर्वांचल विवि के समूचे कैंपस में उपन्यास 'चंद्रकांता' के किरदारों सरीखे पुरोहित गैंग के 'अय्यार' फैले हैंl इनमें जो विश्वविद्यालय प्रशासन या कुलपति की नज़र में दागी या संदिग्ध हो जाता है तो गिरोह संचालक दूसरे मेंबर को आगे कर देता हैl  कुल मिलाकर यहां का प्रशासन इसी गिरोह के नियंत्रण में होता हैl यदि ऐसा न होता तो फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के प्रो. मुराद अली को डीन का पद 23 अक्टूबर 2025 को ही देय था, लेकिन दिया गया 20 जनवरी 2026 को और बिना कारण बताए 7 फरवरी 2026 को छीन लिया गयाl जबकि जारी पत्र में इनका कार्यकाल तीन साल यानी 16 जनवरी 2026 से 15 जनवरी 2029 तक निर्धारित हैl प्रो मुराद अली 81 वर्षीय अपने फौजी पिता के इलाज के लिए चिकित्सकीय अवकाश पर हैंl दरअसल इस विभाग में दोबारा डीन पद पर पुरोहित गैंग-2 के लीडर प्रो नटवर लाल( कार्य के अनुरूप परिवर्तित नाम) की नज़र थी, लेकिन वह लाइब्रेरी कांड में एक्सपोज हो चुका था लिहाजा उसने बगुला सरीखे धैर्य से प्रो. मुराद का आखेट कर लियाl


यहां के कई शोधार्थी बने हैं एजेंट या करते हैं दलाली: पूर्वांचल विवि की पीएचडी की गुणवत्ता का आलम ये है कि गाइड और स्टूडेंट मिलकर थीसिस को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए अथवा दूसरे का लिखा चोरी करते हैंl दिलचस्प तो ये भी है कि शोध छात्र सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर जॉब करते हैंl इनमें जो शोधार्थी निकट रहकर हाजिरी देता है उसे सब्जी या गेस्ट के लिए अपने पैसे से नाश्ता लाना पड़ता हैl पीएचडी एवार्ड होने के बाद इनमें अधिकतर कोचिंग पढाते हैं या विज्ञापन अथवा इंश्योरेंश एजेंट बन जाते हैंl कुछ तो विभिन्न व्यवसाय में कमीशनखोरी या मीडिया में आकर दलाली वाले धंधे में लग जाते हैंl इसके उदाहरण जौनपुर , वाराणसी, दिल्ली में मौजूद हैंl


एमबीए की छात्रा इश्विका सिंह का दावा: मीडिया में लाइव आकर दावा करने वाली एमबीए की छात्रा इश्विका सिंह ने पिछले महीने कहा कि-'पूर्वांचल विश्वविद्यालय गहरी नींद में हैl यहां एक ऐसा नेक्सेस है जो फेल छात्रों को पास करने के कारनामे को अंजाम दे रहा हैl यही नेक्सेस विवि में भ्रष्टाचार की जड़ भी हैl वीसी से लेकर राजभवन तक शिकायत की सुनवाई नहीं हो रही हैl बाकी अगली कड़ी में,,,,,,,,, क्रमशः

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