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मिडिल ईस्ट का महायुद्ध: ईरान के चक्रव्यूह में फंसा अमेरिका, आर्थिक मन्दी की चपेट में दुनिया! Tahalka Samvad

Tahalka Samvaad

 मिडिल ईस्ट का महायुद्ध: ईरान के चक्रव्यूह में फंसा अमेरिका, आर्थिक मन्दी की चपेट में दुनिया! 


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कैलाश सिंह/रुद्र प्रताप सिंह

पोलिटिकल एडिटर/ब्यूरो चीफ

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-रसोई गैस की बढ़ती किल्लत के मुख्य किरदार बने एजेंसी संचालक, अब इसका असर गांवों और कस्बाई बाजारों में भी दिखने लगा, कोई जमाखोरी में लगा तो अधिकतर के यहां चूल्हे में लकड़ी बनी सहाराl


-देश के पेट्रोलियम मंत्री का गैस की किल्लत न होने के दावे पर पानी फेर रहे जमाखोर, उज्जवला उपभोक्ता फिर पारंपरिक ईंधन से जलाने लगे चूल्हा, कस्बाई बाजारों में जंकफ़ूड का बोलबालाl

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दिल्ली/लखनऊ, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l भारतीय समयानुसार 28 फरवरी को अमेरिका- इजराइल का संयुक्त हमला जब ईरान पर हुआ तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरानी धर्मगुरु और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को सपरिवार व अन्य लीडरों, सैन्य अफसरों को मारने के बाद यही दावा किया था कि हम यह युद्ध तीन दिन में खत्म कर देंगेl हालांकि उनकी बातों पर दुनिया के तमाम देशों का भरोसा तभी उठ चुका था जब वह रूस- युक्रेन युद्ध रुकवाने में फेल हो गए थेl पाकिस्तान पर भारत के चार दिवसीय 'ऑपरेशन सिंदूर' के पटाक्षेप(स्थगन) में श्रेय लूटने की उनकी नाकाम कोशिस और टैरिफ वॉर ने उनकी विश्वसनीयता को पलीता लगा चुका थाl दूसरी तरफ ईरान हर रोज अपने नये हथियारों के हमले से दुनिया को चौंकाते हुए अमेरिका को नाकों चने चबवा रहा हैl जूनियर खामेनेई यानी 'मोजतबा खामेनेई' की बदले की चेतावनी उसके 'पाताल लोक' की अर्थात भूमिगत मिसाइलें और बम वर्षा ने अमेरिका के सहयोगी इस्लामिक देशों में तबाही मचा दी हैl उसके जल डमरू यानी 'स्टेट ऑफ हार्मूस' वाले संकरे समुद्री रास्ते पर रोक के चलते पेट्रोलियम उत्पादों के संकट ने दुनिया के तमाम देशों में आर्थिक मंदी कैंसर सरीखे जकड़ती जा रही हैl डोनाल्ड ट्रम्प ईरान को पस्त मानकर नकली खुशी मना रहे हैं और जूनियर खामेनेई उनके तेल टैंकर और रिफाइनरी को जलाकर आर्थिक चोट पहुंचा रहा हैl


ईरानी चक्रव्यूह 'स्टेट ऑफ हार्मूस' अमेरिका के लिए सांप- छछूंदर जैसा हो गया हैl महज 33 किलोमीटर चौड़े समुद्री रास्ते पर ईरान 16 दिन में डेढ़ दर्जन से अधिक आयल टैंकर (तेल वाले जहाज) को पानी में जलाकर डुबा चुका हैl तमाम देशों की दर्जनों शिप फंसी पड़ी हैंl ईरान की दशत में कोई अपना जहाज नहीं निकाल पा रहा हैl भारत का तो फ़िर भी दो जहाज पार हो गया जो यहां की डिप्लोमेसी का नतीजा हैl अमेरिका न तो ईरान के 'जल डमरू' पर कब्जा कर पा रहा है और न ही उस रास्ते को खुलवा पा रहा हैl ट्रम्प की बातों पर भरोसा करके कोई अन्य देश अपने आयल टैंकर लाने की हिमाकत भी नहीं कर पा रहा हैl पाकिस्तान में तो कोरोना जैसी आपदा वाली स्थिति से हफ़्ते का वर्किंग डे महज चार दिन का हो गया हैl वहां महंगाई चाँद सितारे छूने को बेताब हैl ऐसा हाल उनके शीर्ष नेतृत्व के चलते हो चला हैl इसी तरह की आर्थिक मंदी की तरफ़ बांग्लादेश और तमाम योरोपीय देश भी बढ़ रहे हैंl युद्ध कब तक चलेगा यह अनिश्चय के अंधकार में हैl दूसरी तरफ ईरान में भी इजराइली हमले से 'तेजाबी बारिश' की तरह बारूद और केमिकल की बौछार ने तबाही मचा रखी हैl मिसाइलों और बमों के धुएं ईरान की धरती पर सूरज की रोशनी को रोके हुए हैंl


एलपीजी क्राइसिस जारी लेकिन  भारत सरकार के इनकार के सच को झुठला रहीं हकीकत की तस्वीरें जिसपर अड़ा है विपक्ष: इधर पांच दिन पूर्व से एलपीजी सिलेंडर को लेकर आमजन नोटबंदीकाल सरीखे गैस एजेंसियों, गोदामों पर सुबह से शाम तक कतार में लग रहा हैl वितरक उन्हें आनलाइन बुकिंग की बात कहकर वापस कर रहे हैंl जब तक सरकार इसपर ध्यान देती तब तक जमाखोरों की वजह से रसोई गैस की किल्लत में 'पैनिक क्रिएट' हो चुकी थीl अब उसी के चलते गैस सिलेंडर पाने के लिए लोग एजेंसियों, गोदामों पर सुबह से लेकर शाम तक कतारों में लग जाते हैं, लेकिन नम्बर आने वालों से आनलाइन बुकिंग कहकर वापस किया जा रहा हैl आनलाइन करने वालों की दिनभर की कोशिश भी बेकार जा रही हैl यानी बुकिंग नहीं हो पा रही है तभी तो लोग कतार लगाने को तड़के पहुँच रहे हैंl जिनके पास एक सिलेंडर है उनकी हालत सर्वाधिक पस्त हैl यह समस्या देश के हर राज्य ही नहीं बल्कि हर शहर और गांव तक फैल चुकी हैl यूपी के जौनपुर में कस्बाई बाजारों में भी सन्नाटा बढ़ने लगा हैl जफ़राबाद की निवासी वृद्धा शशि मिश्रा के पुत्र राहुल बताते हैं कि एक हफ्ता होने को है हमारे यहां लकड़ी पर भोजन पकाया जा रहा हैl दोनों भाई बारी- बारी अपने रोजगार से छुट्टी लेकर शहर की आशीर्वाद गैस एजेंसी पर पिछले पांच दिन से कतार में लग रहे हैं और साथ में लगातार आनलाइन बुकिंग को भी प्रयास कर रहे हैं, लेकिन न बुकिंग हो रही है और न ही एजेंसी से पर्ची मिल रही हैl

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