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यूपी मिशन 27: राज्यसभा चुनाव में सपा के पीडीए पर भारी पड़ा भाजपा का सामाजिक समीकरण! Tahalka Samvad

Tahalka Samvaad

 यूपी मिशन 27: राज्यसभा चुनाव में सपा के पीडीए पर भारी पड़ा भाजपा का सामाजिक समीकरण! 





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कैलाश सिंह-

राजनीतिक संपादक

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-संभावना: भाजपा के राज्यसभा वाले आठ प्रत्याशियों में से कई बन सकते हैं केंद्रीय मंत्री, यदि ऐसा हुआ तो इनमें योग्यता के बल पर पहले नम्बर पर होंगे जौनपुर के विद्या सागर सोनकरl

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लखनऊ/ दिल्ली, (तहलका न्यूज नेटवर्क)l संसद के उच्च सदन राज्यसभा में उत्तर प्रदेश की 10 सीटों के लिए इसी महीने के मध्य में होने वाले चुनाव में भाजपा ने 'सामाजिक समीकरण' के साथ प्रत्याशियों की जो लिस्ट जारी की है ऐसा पार्टी ने शायद दशकों बाद किया है, क्योंकि सभी आठ उम्मीदवार अपनी योग्यता के बल पर चयनित हुए हैंl उनके लिए जाति का साँचा तो संयोगवश फिट हो गया हैl इस सामाजिक समीकरण में 'तीन पिछड़े, दो दलित और तीन अगड़ा' वर्ग से हैंl जबकि सपा के दो प्रत्याशियों में अरसे से चली आ रही परिपाटी के तहत इस दफे भी 'परिवार और पैसा' दिखाl 


दरअसल सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव अगले साल यानी 2027 के पहले तिमाही में होने वाले उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के साल भर पहले से 'पीडीए' के शाब्दिक अर्थ यूपी के वोटरों को समझाने में लगे हैं, लेकिन जब उसे कर दिखाने की बेला आई तो वह फ़िर 'परिवार और पैसा' के मानक में फंस गएl राज्यसभा की 10 सीटों के लिए इसी महीने होने वाले चुनाव में उन्होंने जिन दो उम्मीदवारों को मैदान में उतारा हैं उनमें एक उनके चाचा प्रो. राम गोपाल यादव हैं,जो वर्तमान में भी राज्यसभा सदस्य हैंl दूसरे प्रत्याशी हैं धनराज परिमल नथवानीl यह एक उद्योगपति हैं साथ ही रिलायंस समूह से जुड़े भी हैं और झारखंड प्रदेश से एनडीए समर्थित सांसद परिमल नथवानी के पुत्र हैंl


 बिहार विधान सभा चुनाव के दौरान लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेजस्वी की आरजेडी के लिए एमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने नारा दिया था कि मुसलमान अब दरी नहीं बिछाएगाl उसे भी सत्ता में हिस्सेदारी चाहिएl इसके बाद तेजस्वी की पार्टी यह चुनाव बम्पर सीटों से हार गईl यूपी मिशन 2027 में ओवैसी वही नारा उत्तर प्रदेश में सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव को निशाने पर रखकर दोहराने लगे हैंl हालांकि सपा के दो कोर वोट बैंक 'यादव और मुस्लिम' में मुसलमान वोट पर कांग्रेस की भी बाज़ नज़र हैl इसके अलावा बसपा को भी नज़र अंदाज़ नहीं किया जा सकता हैl पार्टी सुप्रीमों सुश्री मायावती अपने कोर वोटर जाटव को सुरक्षित रखते हुए जो सोशल इंजीनियरिंग सामने लाएंगी वह सपा, भाजपा और कांग्रेस समेत सभी दलों की नीद उड़ाने में सक्षम होगीl अपुष्ट सूत्रों की मानें तो उसके तीन दर्जन से अधिक प्रत्याशी अंदरखाने तय हो चुके हैंl


भाजपा का पीडीए: राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने जो सूची जारी की है उनमें तीन पिछड़े, तीन अगड़े में दो ब्राम्हण,एक ठाकुर हैंl दो दलित में सबसे वरिष्ठ विद्या सागर सोनकर खटिक सामाज से आते हैंl वह विधान परिषद में उप सभापति रहने से पूर्व सैदपुर सीट से सांसद भी रह चुके हैंl इसके अलावा वह संगठन में विभिन्न पदों पर रह चुके हैंl वह अपने पांच दशक पुराने सियासी सफ़र की शुरुआत से पूर्व संघ से जुड़े रहे हैंl इन्हें भाजपा ने टिकट देकर अपने पारम्परिक कोर वोटर खटिक सामाज को बड़ा संदेश दिया है कि उन्हें पार्टी भूली नहीं हैl हालांकि श्री सोनकर की पकड़ दलित सामाज के साथ अगड़ों- पिछड़े में भी अधिक हैl यानी उनकी पहचान जाति के कारण नहीं हैl दूसरी उम्मीदवार प्रियंका रावत बाराबंकी से हैं जो पढ़ी -लिखी होने के साथ सांसद भी रही हैंl हालांकि पिछला चुनाव हार चुकी हैंl यह भी जाति से ऊपर अधिक योग्यता रखती हैंl इसी तरह पिछड़ा वर्ग से धर्मपाल सिंह हैं जो राज्य सरकार में मन्त्री हैंl इसी वर्ग से बरेली की श्रुति गंगवार जो झारखंड के राज्यपाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की बेटी होने के साथ आईटीयंस हैंl वह बरेली ग्रामीण बैंक से जुड़े होने के साथ सामाजिक सरोकार भी रखती हैंl इसी तरह ब्राम्हण सामाज से राधा कांत ओझा इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील हैंl भाजपा के लिए इनकी विधिक जानकारी उपयोगी होगीl इस प्रकार भाजपा ने सभी आठ उम्मीदवारों का चयन उनकी योग्यता पर किया है जो सामाजिक समीकरण में भी संयोग से फिट बैठते हैंl ये सभी खांटी जातीय राजनीति से खुद को दूर भी रखते हैंl

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